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सुषमा स्वराज के विमान से 14 मिनट तक नहीं हुआ संपर्क, मचा हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 04 Jun 2018 05:57 AM IST
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भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण उस समय सकते में आ गया, जब सुषमा स्वराज को तिरुवनंतपुरम से दक्षिण अफ्रीका ले जा रहे विमान मेघदूत से 14 मिनट तक संपर्क नहीं हो पाया।
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इसी दौरान विमान मॉरीशस के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गया। विमान और मॉरीशस एयर ट्रैफिक कंट्रोल का भी आपस में संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके 12 मिनट बाद मॉरीशस अथॉरिटी ने पैनिक बटन दबा दिया। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस तरह की किसी जानकारी होने से इनकार किया है।
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भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने बताया कि वायुसेना के विमान आईएफसी 31 ने शनिवार को दोपहर 2.08 बजे तिरुवनंतपुरम से उड़ान भरी। भारतीय हवाई सीमा से बाहर निकलते ही इसकी जानकारी मालदीव एटीसी को दे दी गई। माले एटीसी ने 4.44 बजे विमान से संपर्क किया। माले एटीसी ने मॉरीशस एटीसी को उड़ान की सूचना दी। इसके बाद मॉरीशस ने विमान से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सपंर्क नहीं हुआ।
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पैनिक बटन का अनिवार्य समय किया नजरअंदाज
पैनिक बटन दबाने के लिए 30 मिनट इंतजार किया जाता है। लेकिन विमान में विदेश मंत्री के यात्रा करने के कारण अनिवार्य समय को नजरअंदाज कर दिया गया। पैनिक बटन का मतलब है कि विमान और उसके यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई जानकारी नहीं है। करीब 14 मिनट तक विमान का मॉरीशस एटीसी से कोई संपर्क नहीं हुआ।
वीएचएफ कम्युनिकेशन ने खड़ी की थी समस्या
मॉरीशस के साथ ही भारतीय एटीसी ने भी वीएचएफ के जरिए विमान से संपर्क करने की कोशिश की थी। एटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनियमित वीएचएफ कम्युनिकेशन की वजह से समुद्री इलाकों में ऐसी समस्या अक्सर आती है।
कभी-कभी पायलट मॉरिशस एरिया में संपर्क करने में सफल नहीं होते, तो कभी भूल भी जाते हैं। समुद्री क्षेत्र में रडार कवरेज नहीं है। सब कुछ वीएचएफ कम्युनिकेशन पर ही निर्भर है। जिन जगहों पर वीएचएफ कवरेज अच्छा नहीं है, उन्हें डार्क जोन कहा जाता है।