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नशे के लिए बच्चे इस चीज का वयस्कों से ज्यादा कर रहे इस्तेमाल, विशेषज्ञ भी हैरान 

Thu, 04 Jul 2019 08:35 PM IST
Abhishek Singh डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhishek Singh Updated Thu, 04 Jul 2019 08:35 PM IST
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Surveys have found, children are intoxication most through inhalants
बच्चे इनहेलेंट्स के माध्यम से सबसे ज्यादा नशा कर रहे हैं - फोटो : Social Media

देश के जिस बचपन को खेल, पढ़ाई और स्वस्थ खानपान में सबसे आगे होना चाहिए, वह नशे के मामले में वयस्कों को मात दे रहा है। बच्चों में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति से विशेषज्ञ भी हैरान हैं। एक सर्वे में पाया गया है कि बच्चे इनहेलेंट्स के माध्यम से सबसे ज्यादा नशा कर रहे हैं। कुल बच्चों की 1.17 फीसदी आबादी इन्हेलेंट्स के माध्यम से नशा कर रही है, जबकि वयस्कों में यह आंकड़ा 0.58 फीसद ही है। इसके अलावा बच्चे शराब जैसे अन्य माध्यमों से भी नशा कर रहे हैं जिसके कारण उनके सामने जीवन का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने गुरुवार को संसद में एक सवाल के जवाब में बताया कि नशे के लिए सबसे ज्यादा 16 करोड़ लोग शराब का सेवन करते हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर 3.1 करोड़ लोग भांग और तीसरे नंबर पर 2.26 करोड़ लोग अफीम का सेवन करते हैं। दस वर्ष से 75 वर्ष आयु वर्ग के 1.18 करोड़ लोग सेडेटिव्स का इस्तेमाल करते हैं। अन्य नशे के उत्पादों का प्रयोग करने वाले लोग भी हैं जिनका जीवन नशे के कारण बर्बाद हो रहा है।
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मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के द्वारा किए गए एक सर्वे के दौरान यह बात सामने आई थी कि शराब के नशे के कारण 5.7 करोड़ लोग, 72 लाख भांग का नशा करने वाले और 77 लाख अफीम का नशा करने वालों का जीवन नशे के कारण बेहद गंभीर संकट में है। उन्हें उपचार और पुनर्वास की गंभीर जरुरत है और सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। इसके लिए अनेक एजेंसियों की सहायता भी ली जा रही है और इसके लिए राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है।  
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बड़े सर्वे सैंपल से मिले सटीक आंकड़े

थावरचंद गहलोत ने बताया कि इस आंकड़े के लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल एम्स के अलावा 10 अन्य अस्पतालों और 15 संगठनों की मदद ली गई है। दिसंबर 2017 से अक्टूबर 2018 के बीच चले इस सर्वे में 200111 परिवारों से बातचीत की गई है। सर्वे में देश के 135 जिलों से आंकड़े प्राप्त किए गए हैं। 

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