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नौकरी देने के प्रति भारत 8वां सर्वाधिक आशावान, 16 फीसदी कंपनियों में नौकरी बढ़ने की उम्मीद
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Wed, 14 Mar 2018 05:33 AM IST
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अप्रैल-जून अवधि में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना के मामले में भारतीय कंपनियां दुनिया में आठवां सबसे अधिक आशावान समूह हैं। एक सर्वेक्षण में शामिल देश की 16 फीसदी कंपनियों ने इस अवधि में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई। इस मामले में समायोजन रहित आंकड़े के आधार पर क्रोएशिया की कंपनियां सबसे अधिक आशावान समूह बन कर उभरी हैं।
इस सर्वेक्षण में मैनपावरग्रुप ने 43 देशों और क्षेत्रों में 58,000 नियोक्ताओं का साक्षात्कार लिया और कहा कि क्रोएशिया ने काफी अधिक बहाली का इरादा जताया है। क्रोएशिया की कंपनियों को पहली बार सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।
कर्मचारी नियुक्ति में मदद करने वाली कंपनी मैनपावरग्रुप इंडिया द्वारा मंगलवार को जारी सर्वेक्षण के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की संभावना सभी चार भौगोलिक क्षेत्रों और सात औद्योगिक क्षेत्रों में दर्ज की गई। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सेवा, फाइनेंस, रियल एस्टेट और उत्पादन भी शामिल हैं।
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सर्वेक्षण में भारत में 4,600 से अधिक नियोक्ताओ को शामिल किया गया। सर्वेक्षण में कहा गया है कि यद्यपि बहाली की रफ्तार थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन शायद ही ऐसी कोई कंपनी हो जो कर्मचारियों की संख्या घटाए।
अगले तीन महीने में बहाली की योजना के मामले में सर्वाधिक आशावान देशों की सूची में क्रोएशिया पहले स्थान पर है, जिसका नियुक्ति परिदृश्य 29 फीसदी है। इसके बाद 26 फीसदी के साथ ताइवान है। जापान का नियुक्ति परिदृश्य 24 फीसदी है।
सर्वेक्षण के मुताबिक मौसमी समायाजन वाले आंकड़े में जिन देशों और क्षेत्रों को इस आंकड़े में शामिल किया गया है, उनमें सर्वाधिक बेहतर माहौल ताईवान, जापान, हंगरी और अमेरिका में है, जबकि बहाली की सबसे कमजोर संभावना इटली, चेक रिपब्लिक और स्विटजरलैंड में देखी गई।
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इस सर्वेक्षण में मैनपावरग्रुप ने 43 देशों और क्षेत्रों में 58,000 नियोक्ताओं का साक्षात्कार लिया और कहा कि क्रोएशिया ने काफी अधिक बहाली का इरादा जताया है। क्रोएशिया की कंपनियों को पहली बार सर्वेक्षण में शामिल किया गया है।
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कर्मचारी नियुक्ति में मदद करने वाली कंपनी मैनपावरग्रुप इंडिया द्वारा मंगलवार को जारी सर्वेक्षण के मुताबिक कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की संभावना सभी चार भौगोलिक क्षेत्रों और सात औद्योगिक क्षेत्रों में दर्ज की गई। इन औद्योगिक क्षेत्रों में सेवा, फाइनेंस, रियल एस्टेट और उत्पादन भी शामिल हैं।
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सर्वेक्षण में भारत में 4,600 से अधिक नियोक्ताओ को शामिल किया गया। सर्वेक्षण में कहा गया है कि यद्यपि बहाली की रफ्तार थोड़ी कम रह सकती है, लेकिन शायद ही ऐसी कोई कंपनी हो जो कर्मचारियों की संख्या घटाए।
अगले तीन महीने में बहाली की योजना के मामले में सर्वाधिक आशावान देशों की सूची में क्रोएशिया पहले स्थान पर है, जिसका नियुक्ति परिदृश्य 29 फीसदी है। इसके बाद 26 फीसदी के साथ ताइवान है। जापान का नियुक्ति परिदृश्य 24 फीसदी है।
सर्वेक्षण के मुताबिक मौसमी समायाजन वाले आंकड़े में जिन देशों और क्षेत्रों को इस आंकड़े में शामिल किया गया है, उनमें सर्वाधिक बेहतर माहौल ताईवान, जापान, हंगरी और अमेरिका में है, जबकि बहाली की सबसे कमजोर संभावना इटली, चेक रिपब्लिक और स्विटजरलैंड में देखी गई।
तकनीक से बदलेगा श्रम बाजार का गणित
तकनीक से बदलेगा श्रम बाजार का गणित
मैनपावरग्रुप इंडिया के समूह एमडी एजी राव ने कहा कि भारत में नौकरी खोजने वालों को अप्रैल-जून अवधि में सकारात्मक श्रम बाजार से लाभ मिल सकता है। आने वाले समय में तकनीक नौकरी के बाजार का गणित बदल देगी और लोगों को नौकरी करने लायक बने रहने के लिए नए कौशल सीखने होंगे।
राव ने आगे कहा कि 2018 में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग जैसी उभरती तकनीक में दक्ष पेशेवरों की मांग में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगारपरकता की कमी को प्रभावी रूप से दूर करने के लिए श्रम बाजार को और लचीला बनाने की सरकार की पहल और इसके साथ ही भारतीय कारोबारी माहौल के सुधरने के संकेत से नियोक्ताओं का मनोबल मजबूत हो रहा है।
उतर और दक्षिण भारत में रोजगार के बेहतर अवसर
आगामी तिमाही में नियोक्ताओं ने सभी सात उद्योग क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई है। सबसे बेहतर श्रम बाजार की संभावना थोक और खुदरा व्यापार क्षेत्र के नियोक्ताओं ने जाहिर की है।
इस क्षेत्र का शुद्ध रोजगार परिदृश्य 21 फीसदी रहा। देश के सभी चार भौगोलिक क्षेत्रों में नियोक्ताओं ने अगले तीन माह में अपने वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मंशा जाहिर की है। बहाली की सबसे मजबूत संभावना उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में देखी गई, जिनमें प्रत्येक का शुद्ध रोजगार परिदृश्य 17 फीसदी रहा।
मैनपावरग्रुप इंडिया के समूह एमडी एजी राव ने कहा कि भारत में नौकरी खोजने वालों को अप्रैल-जून अवधि में सकारात्मक श्रम बाजार से लाभ मिल सकता है। आने वाले समय में तकनीक नौकरी के बाजार का गणित बदल देगी और लोगों को नौकरी करने लायक बने रहने के लिए नए कौशल सीखने होंगे।
राव ने आगे कहा कि 2018 में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग जैसी उभरती तकनीक में दक्ष पेशेवरों की मांग में भारी वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगारपरकता की कमी को प्रभावी रूप से दूर करने के लिए श्रम बाजार को और लचीला बनाने की सरकार की पहल और इसके साथ ही भारतीय कारोबारी माहौल के सुधरने के संकेत से नियोक्ताओं का मनोबल मजबूत हो रहा है।
उतर और दक्षिण भारत में रोजगार के बेहतर अवसर
आगामी तिमाही में नियोक्ताओं ने सभी सात उद्योग क्षेत्रों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की उम्मीद जताई है। सबसे बेहतर श्रम बाजार की संभावना थोक और खुदरा व्यापार क्षेत्र के नियोक्ताओं ने जाहिर की है।
इस क्षेत्र का शुद्ध रोजगार परिदृश्य 21 फीसदी रहा। देश के सभी चार भौगोलिक क्षेत्रों में नियोक्ताओं ने अगले तीन माह में अपने वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मंशा जाहिर की है। बहाली की सबसे मजबूत संभावना उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में देखी गई, जिनमें प्रत्येक का शुद्ध रोजगार परिदृश्य 17 फीसदी रहा।