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सर्वे: भारत में 82 फीसदी दिव्यांगों के पास नहीं है कोई बीमा, 42% आयुष्मान भारत योजना से पूरी तरह अनजान
Sun, 30 Mar 2025 05:43 PM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 30 Mar 2025 05:43 PM IST
सार
भारत में 82 फीसदी दिव्यांगों के पास किसी भी प्रकार का बीमा नहीं है। 42 फीसदी को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की जानकारी नहीं है। राष्ट्रीय दिव्यांगजन नेटवर्क (NDN) की बैठक में इसके निष्कर्ष प्रस्तुत किए गए। राष्ट्रीय दिव्यांगजन रोजगार संवर्धन केंद्र (NCPEDP) के सर्वेक्षण में इसका खुलासा हुआ, जिसमें 5,000 दिव्यांगजनों की प्रतिक्रियां ली गईं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत में 82 फीसदी दिव्यांगों के पास किसी भी प्रकार का बीमा नहीं है। इतना ही नहीं 42 फीसदी दिव्यांगजन सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) से पूरी तरह अनजान हैं। यह खुलासा अधिकार समूहों द्वारा किए गए एक राष्ट्रव्यापी सर्वे में हुआ है।
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पिछले सप्ताह राष्ट्रीय दिव्यांगजन नेटवर्क (NDN) की एक बैठक हुई, जिसमें 20 से अधिक राज्यों के नागरिक समाज समूह और दिव्यांगजन अधिकार संगठन शामिल हुए। बैठक के दौरान अधिकार समूहों ने दिव्यांगों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसमें दिव्यांगों के पास बीमा न होने और आयुष्मान भारत योजना की जानकारी न होने का निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया।
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28 फीसदी दिव्यांगों ने ही योजना के लिए किया आवेदन
राष्ट्रीय दिव्यांगजन रोजगार संवर्धन केंद्र (NCPEDP) द्वारा 'आयुष्मान फॉर ऑल' अभियान के तहत सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 5,000 से अधिक दिव्यांगों से प्रतिक्रियाएं ली गईं। इस योजना का उद्देश्य कमजोर वर्ग को स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है। इसके बावजूद केवल 28 फीसदी दिव्यांग ही इसके लिए आवेदन कर पाए हैं।
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स्वास्थ्य बीमा विकलांगों के लिए जीवनयापन की जरूरत: अरमान अली
NCPEDP के कार्यकारी निदेशक अरमान अली ने कहा कि ये आंकड़े केवल संख्याएं नहीं हैं, बल्कि उन लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो आवश्यक स्वास्थ्य सेवा से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बीमा विकलांग व्यक्तियों के लिए विशेषाधिकार नहीं, बल्कि उनके जीवनयापन की जरूरत है।
सरकार के नियमों पर उठाया सवाल
अरमान अली ने सरकार के नियमों पर सवाल उठाया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जहां आयुष्मान भारत 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए बिना शर्त कवरेज प्रदान करता है, वहीं विकलांग व्यक्तियों के लिए ऐसा कोई प्रावधान मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा, 'विकलांगता और गरीबी एक दुष्चक्र का हिस्सा हैं। हम केवल योजनाओं की मांग नहीं कर रहे हैं, हम प्रतिनिधित्व और नीतिगत बदलावों की मांग कर रहे हैं।'
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दिव्यांगजनों के लिए बिना शर्त कवरेज बढ़ाने की मांग
बैठक में, विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य बीमा तक पहुंच में आने वाली बाधाओं पर चर्चा की। मल्टीपल स्केलेरोसिस सोसाइटी ऑफ इंडिया के सचिव संदीप चिटनिस ने कहा, 'जब आपको विकलांगता का पता चलता है, तो बीमा प्राप्त करना लगभग असंभव हो जाता है। हमें एक ऐसा सिस्टम चाहिए जो लोगों को उनकी विकलांगता के लिए दंडित न करे।' NDN ने केंद्र सरकार से आयुष्मान भारत के तहत दिव्यांगजनों के लिए बिना शर्त कवरेज बढ़ाने की मांग की।
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