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दोबारा फर्स्ट डिवीजन से पास हुए मोदी, लेकिन नंबर आए 5 फीसदी कम

Thu, 26 May 2016 12:08 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 26 May 2016 12:08 PM IST
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survey on two years of modi government
मोदी सरकार के दो साल हुए पूरे

मोदी सरकार के दो साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इस मौके पर टाइम्स ऑफ इंडिया की तरफ से एक सर्वे कराया गया  है, जिसमें मोदी सरकार के दो सालों में किए गए काम के हिसाब से मेट्रो शहरों के लोगों से बात की गई और उनकी राय ली गई।

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इस सर्वे में मोदी सरकार को 62 प्रतिशत लोगों ने अच्छा या बहुत अच्छा कहा है। इस तरह दूसरे साल भी सरकार फर्स्ट डिवीजन में पास हो गई है। हालांकि, पिछले साल मोदी सरकार के काम को 67 प्रतिशत लोगों ने अच्छा या बहुत अच्छा कहा था। इस तरह इस साल मोदी सरकार की लोकप्रियता में 5 प्रतिशत की कमी आ गई है।
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यह सर्वे ग्लोबल मार्केट रिसर्च कंपनी आईपीएसओएस (IPSOS) की तरफ से किया गया है। सर्वे में देश के 8 बड़े शहरों को शामिल किया गया है, जो दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद हैं। इस सर्वे में कुल 1348 लोगों ने अपनी राय दी, जिनकी उम्र 18 से 45 साल के बीच थी। इसमें महिला और पुरुषों की संख्या समान रखी गई। 
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वहीं दूसरी ओर, मोदी सरकार के काम को खराब या बहुत खराब कहने वाले लोगों की संख्या भी पिछले साल की तुलना में बढ़ गई है। पिछले साल 9 प्रतिशत लोगों ने मोदी सरकार के काम को खराब या बहुत खराब कहा था, लेकिन इस बार 16 फीसदी लोगों को मोदी सरकार का काम बहुत खराब लगा है।

ब्रैंड मोदी हुआ है कमजोर

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मोदी ब्रैंड पर लोगों की अलग-अलग है राय - फोटो : PTI

सर्वे में भाग लेने वाले लोगों में से करीब आधे लोगों (47 फीसदी) ने माना है कि मोदी कुछ करने की चाहत रखने वाले प्रधानमंत्री हैं, लेकिन उनके साथ के लोगों की वजह से वह काम नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, 51 फीसदी लोगों ने माना है कि 2014 के बाद ब्रैंड मोदी की ताकत में कमी आई है। हालांकि, 5 में से एक व्यक्ति का मानना है कि ब्रैंड मोदी को पहले से अधिक मजबूती मिली है।

पिछले साल की तरह ही इस बार भी मोदी सरकार की योजनाओं में स्वच्छ भारत अभियान ने बाजी मार ली है, जबकि मेक इन इंडिया प्रोग्राम दूसरे नंबर पर है। मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को सर्वे में 42 प्रतिशत लोगों ने सबसे अच्छा कहा है, जबकि मेक इन इंडिया प्रोग्राम को 13 प्रतिशत लोगों की वाहवाही मिली है।

सर्वे में भाग लेने वाले 43 प्रतिशत लोगों का मानना है कि मोदी सरकार नौकरियां उपलब्ध कराने में फेल रही है, जिसे लोगों ने मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामयाबी कहा है। इतना ही नहीं, विपक्ष से हमेशा झगड़े के मूड में रहने को भी लोगों ने मोदी सरकार की बड़ी असफलता से जोड़ा है।

40 प्रतिशत लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार में कोई कमी नहीं आई है, जबकि 23 प्रतिशत के अनुसार भ्रष्टाचार पहले से कम हुआ है। वहीं कालेधन पर 40 फीसदी लोग मानते हैं कि सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया, जबकि 15 प्रतिशत लोगों का मानना है कि कालेधन के मुद्दे पर सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं।

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