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बेटी सुप्रिया का दर्द- 'पवार साहब इस्तीफा देना नहीं चाहते थे', शरद पवार बोले, CM बनना अजित का सपना ही रहेगा

Thu, 12 Oct 2023 07:28 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 12 Oct 2023 07:28 PM IST
सार

महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख पार्टी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता- शरद पवार ने कहा, भतीजे अजित का सीएम बनने का सपना कभी पूरा नहीं होगा। सुप्रिया सुले ने एनसीपी में टूट पर कहा- पवार साहब इस्तीफा देना नहीं चाहते थे।

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Supriya Sule Sharad pawar resignation on going with bjp ajit pawar cm dream
शरद पवार, अजित पवार और सुप्रिया सुले - फोटो : social media

विस्तार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अभी नाजुक दौर से गुजर रही है। पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि मई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख के रूप में उनके पिता शरद पवार इस्तीफा नहीं देना चाहते थे। उन्होंने कहा, इस्तीफा देने की शरद पवार की चौंकाने वाली घोषणा संगठन के कुछ नेताओं की उस जिद का नतीजा थी, जिसमें वे भाजपा के साथ जाना चाहते थे। 
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भाजपा के साथ जाने की बात से पवार आहत
सुप्रिया ने कहा, ''पवार साहब'' कभी अपना इस्तीफा नहीं देना चाहते थे। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल के दावों के बारे में कहा, उनके पिता कभी भी राकांपा प्रमुख के पद से अपना इस्तीफा नहीं देना चाहते थे। "लेकिन जब पार्टी में सभी ने भाजपा के साथ हाथ मिलाने पर जोर दिया, तो पवार साहब आहत हुए। उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह एक नाटक था, लेकिन हमारे लिए यह वास्तविकता थी। बाद में, राज्य के पार्टी कार्यकर्ताओं के आग्रह पर ''पवार साहब ने अध्यक्ष बने रहना स्वीकार किया था।''
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शरद पवार भतीजे के मुख्यमंत्री बनने पर क्या बोले?
सुप्रिया के बयान से इतर, अजित के सीएम बनने की संभावनाओं पर शरद पवार ने अकोला में एक समारोह के बाद कहा, उनके भतीजे और बागी राकांपा नेता अजित पवार कभी भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उपमुख्यमंत्री के रूप में महाराष्ट्र की सरकार में शामिल अजित पवार का मुख्यमंत्री बनना केवल एक सपना रह जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देश के 70 प्रतिशत राज्यों में शासन नहीं करती है। वह महाराष्ट्र में भी सत्ता गंवाने वाली है। 2024 के चुनावों के बाद शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद पवार समूह) और कांग्रेस की महा विकास अघाड़ी महाराष्ट्र में सत्ता में आएगी।
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पवार पर तनाशाही के आरोप, बेटी ने क्या कहा?
विपक्षी दलों के गठबंधन के साथ दिख रही एनसीपी में अधिकारों के बंटवारे पर बारामती से निर्वाचित सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, शरद पवार ने यह तय करने के लिए एक समिति गठित करने का सुझाव दिया कि राकांपा का अगला अध्यक्ष कौन बनेगा? लेकिन खुद छगन भुजबल ने इस विचार को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "क्या आप उन्हें तानाशाह कहेंगे, अगर उन्होंने खुद अगले राकांपा अध्यक्ष की तलाश के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया हो। सुप्रिया के अनुसार, अगर वे तानाशाह होते तो उन्होंने आदेश दिया होता कि इस व्यक्ति विशेष को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाए।

छगन भुजबल की बात पर सुप्रिया का जवाब
सुले ने 6 अक्तूबर को चुनाव आयोग के समक्ष अजित पवार खेमे की कथित दलील का भी जिक्र किया। अजित गुट ने आरोप लगाया है कि  शरद पवार ने राकांपा को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया और इसे अपनी जागीर समझा। सुले ने कहा, भुजबल ने अपने इंटरव्यू के दौरान शरद पवार के उस बयान को चार बार दोहराया, जिसमें शरद पवार ने भाजपा के साथ न जाने की बात कही थी। सुप्रिया के अनुसार शरद पवार ने साफ कहा था, ''जो लोग बीजेपी के साथ जाना चाहते हैं वे जा सकते हैं लेकिन वह (शरद पवार) नहीं जाएंगे।''

क्या एनसीपी की कमान संभालेंगी सुप्रिया?
सुप्रिया ने बताया कि शरद पवार को दो जुलाई को अजित पवार और आठ अन्य राकांपा नेताओं के शपथ ग्रहण के बारे में कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल होने का फैसला शरद पवार को अंधेरे में रखकर लिया गया था। पार्टी अध्यक्ष बनने के प्रस्ताव पर एक सवाल के जवाब में सुप्रिया सुले ने कहा, हां ऐसा प्रस्ताव है।

सत्ता के बदले संघर्ष को चुना
एनसीपी की कमान संभालने के सवाल पर सुप्रिया ने कहा, उस प्रस्ताव ने मुझे परेशान कर दिया, क्योंकि अगर मैं अध्यक्ष बनती तो पार्टी ने पहला फैसला भाजपा के साथ जाने का किया होता। मेरे लिए उस पर अमल करना असंभव होता। उन्होंने कहा, ''मेरे लिए अपनी विचारधारा और अपने पिता से समझौता करना संभव नहीं था।'' उन्होंने कहा कि एक तरफ सत्ता थी और दूसरी तरफ संघर्ष था। मैंने सत्ता के बजाय संघर्ष को चुना। भुजबल साहब इस बारे में सही कह रहे हैं। उन्हें राकांपा अध्यक्ष पद की पेशकश की गई थी।

सुप्रिया सुले को एनसीपी चीफ बनाने पर भुजबल का बयान
दरअसल, भुजबल ने मराठी समाचार चैनल पर एक साक्षात्कार में कहा था, "शरद पवार भाजपा के साथ जाने के लिए तैयार नहीं थे। यह निर्णय लिया गया कि वह इस्तीफा दे देंगे और सुले को पार्टी अध्यक्ष बनाया जाएगा ताकि राकांपा भाजपा के साथ गठबंधन कर सके और सरकार का हिस्सा बन सके।" 


पवार ने 24 साल पहले बनाई एनसीपी
बता दें कि शरद पवार ने चौंकाते हुए 2 मई को कहा था कि वह राकांपा प्रमुख का पद छोड़ रहे हैं। पवार ने 1999 में इसकी स्थापना की थी। इस्तीफे का एलान पार्टी कार्यकर्ताओं को मंजूर नहीं था। विरोध और सामूहिक इस्तीफे के बाद पवार ने अपने इस्तीफे का निर्णय वापस ले लिया था।
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