महाराष्ट्र वसूली कांड: अनिल देशमुख की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
- देशमुख पर 100 करोड़ वसूली का टारगेट देने का आरोप
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने देशमुख के खिलाफ जांच का आदेश दिया
- पूर्व पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह ने लगाया आरोप
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महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख अपने खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। महाराष्ट्र सरकार और अनिल देशमुख ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। आज देशमुख की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार की ओर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की दलील वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी रखेंगे।
Supreme Court will tomorrow hear the petition filed by former Home Minister of Maharashtra, Anil Deshmukh challenging the Bombay High Court order directing for CBI's preliminary probe against him.
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(File photo) pic.twitter.com/vKBjEHwBuJ — ANI (@ANI) April 7, 2021
हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का आदेश जारी किया
दरअसल, मुंबई के पूर्व पुलिस कमिशनर परमबीर सिंह ने वसूली मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच की अर्जी लगाई थी। जिसपर बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया और 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अनिल देशमुख ने उद्धव सरकार में गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। साथ ही हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई है। बता दें कि इससे पहले परमबीर सिंह ने भी इस मामले के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन शीर्ष कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने को कहकर याचिका खारिज कर दी थी। जिसके बाद परमबीर सिंह ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका लगाई ।
देशमुख पर वसूली का टारगेट देने का आरोप
गौरतलब है कि एंटीलिया केस और मनसुख हिरेन हत्या मामले के मुख्य आरोपी सचिन वाजे को लेकर परमबीर सिंह ने बड़ा खुलासा किया था। परमबीर सिंह का आरोप था कि महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने वाजे को 100 करोड़ रुपए वसूली का टारगेट दिया है। इस मामले के बाद महाराष्ट्र सरकार ने परमबीर सिंह को मुंबई पुलिस कमिशनर के पद से हटा दिया था।