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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- देर हुई तो खारिज होंगे मामले, केसों की खामियां ठीक करने को दिए चार हफ्ते
Sat, 29 Oct 2022 05:34 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 29 Oct 2022 05:34 AM IST
सार
अदालत इन मामलों के दोष ठीक करने के लिए चार हफ्ते का वक्त देती है। अगर इस दौरान दोष ठीक कर इन मामलों को वापस नहीं भेजा गया तो इन्हें खारिज कर दिया जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने 2014 से 2020 तक दायर 1000 से अधिक मामलों के दोष ठीक करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड ऐसा करने में विफल रहे, तो मामले बिना किसी संदर्भ के खारिज कर दिए जाएंगे।
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जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने हाल ही में दिए अपने आदेश में कहा, इस कोर्ट के समक्ष 2014 से 2020 के बीच एक हजार से अधिक ऐसे मामले दर्ज हुए जिनमें खामियां थीं और उन्हें संबंधित वकीलों के पास ठीक करने के लिए भेजा गया। बार बार याद दिलाने के बावजूद ये मामले वापस रजिस्ट्री के पास नहीं आए। अदालत इन मामलों के दोष ठीक करने के लिए चार हफ्ते का वक्त देती है। अगर इस दौरान दोष ठीक कर इन मामलों को वापस नहीं भेजा गया तो इन्हें खारिज कर दिया जाएगा।
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मुफ्त बिजली का वादा गुमराह करने वाला
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार के एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों द्वारा मुफ्त बिजली के वादे को शून्य घोषित किया जाना चाहिए। क्योंकि इसकी घोषणा और मतदाताओं को मिलने वाला परिणामी लाभ झूठा और भ्रामक है। याचिका में जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत इसे अपराध बनाने की घोषणा की भी मांग की गई है।
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आवेदन में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक दलों को घोषणापत्र जारी करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, जब तक कि चुनाव आयोग द्वारा मंजूरी नहीं दी जाए। इस तरह के वादों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राज्य के वित्त पर प्रभाव पड़ता है।