फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court upheld banks' right to take action against promoters of defaulting corporate borrowers

फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने कॉरपोरेट को दिया बड़ा झटका, अब देनदारों के प्रमोटरों पर कार्रवाई कर सकेंगे बैंक

Fri, 21 May 2021 01:14 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 21 May 2021 01:14 PM IST
सार

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कॉरपोरेट जगत के लिए बुरी खबर आई। शीर्ष कोर्ट ने केंद्र की उस अधिसूचना को जायज बताया जिसने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को डिफॉल्ट करने वाले कॉर्पोरेट देनदार के प्रमोटरों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करता है। 

विज्ञापन
Supreme Court upheld banks' right to take action against promoters of defaulting corporate borrowers
सुप्रीम कोर्ट

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट से कॉरपोरेट जगत को बड़ा झटका लगा है। अब अनिल अंबानी समेत अन्य डिफॉल्टरों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार की उस अधिसूचना को सही ठहराया है, जिसने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को डिफॉल्ट करने वाले कॉर्पोरेट देनदार के प्रमोटरों (व्यक्तिगत गारंटर) के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार प्रदान करता है। शीर्ष अदालत के इस आदेश ने कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) के समापन के बाद ऋणदाताओं के लिए व्यक्तिगत गारंटीकर्ताओं से शेष ऋण की वसूली के लिए रास्ता साफ हो गया है। 

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने अधिसूचना को सही ठहराया
दरअसल अनिल अंबानी, कपिल वधावन, संजय सिंघल और वेणुगोपाल धूत आदि उद्योगपतियों ने 15 नवंबर, 2019 की अधिसूचना को चुनौती दी थी, जिसमें इंसोल्वेंयी एंड बैंकरप्सी कोड (आईबीसी के प्रावधानों का दायरा प्रोमोटो तक के लिए बढ़ा दिया गया था ) जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ द्वारा दिए गए इस फैसले में वर्ष 2019 की। इस अधिसूचना को कानूनी" और वैध करार दिया गया है।
विज्ञापन


अब एसबीआई  अनिल अम्बानी के खिलाफ दिवालियापन की कार्यवाही कर सकती है। हालांकि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने दिवालियापन की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे सही ठहराते हुए कार्यवाही का आदेश जारी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका
दरअसल, अनिल अंबानी की तीन कंपनियों पर बैंकों का 49,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है । पिछले साल भारतीय स्टेट बैंक ने अनिल अंबानी के 3 रिलायंस ग्रुप को ‘फ्रॉड’ बताया था। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में अनिल अंबानी के रिलायंस समूह की तीन कंपनियों के खिलाफ याचिका दायर की थी। बैंक ने हाईकोर्ट से कहा था कि इनके ऑडिट के दौरान फंड का दुरुपयोग, हस्तांतरण और हेरा-फेरी की गई है। इसकी सीबीआई जांच की जाए। हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने एसबीआई से यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।


बैंक गारंटरों से वसूल सकता है धन
दरअसल, कर्ज लेने वाला व्यक्ति अपने दोस्तों या करीबी रिश्तेदारों को गारंटर बनाता है।  बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लोन देने के वक्त कर्ज लेने वाले और गारंटर में कोई खास अंतर नहीं होता है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि ईएमआई कर्ज लेने वाले के खाते से कटती है। अगर लोन लेने वाला व्यक्ति समय पर किस्त नहीं चुकाता है तो एक निश्चित समय के बाद बैंक गारंटर को पकड़ता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed