फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Updates Tamil Nadu Belgian national FIR quashed Know More Legal News

Supreme Court Updates: बेल्जियम के नागरिक पर FIR मामले में बड़ा आदेश, तमिलनाडु में दर्ज प्राथमिकी रद्द होगी

Sat, 03 Feb 2024 04:51 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 03 Feb 2024 04:51 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु पुलिस के पास दर्ज प्राथमिकी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। बेल्जियम के नागरिक से जुड़े इस मामले में शीर्ष अदालत ने कहा है कि एफआईआर को रद्द किया जाएगा। मामले में जंगल की आग में मौत से भी जुड़ा है। शीर्ष अदालत ने कई और मामलों में भी अहम आदेश पारित किए हैं। पढ़िए सुप्रीम कोर्ट अपडेट

विज्ञापन
Supreme Court Updates Tamil Nadu Belgian national FIR quashed Know More Legal News
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने लगभग छह साल पहले हुई मौतों के मामले में बड़ा आदेश पारित किया है। 2018 में तमिलनाडु की कुरंगानी पहाड़ियों में 13 लोगों की मौत के मामले में तमिलनाडु पुलिस ने बेल्जियम के नागरिक- पीटर वान गीत के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। शीर्ष अदालत के आदेश के बाद प्राथमिकी और सभी कानूनी कार्यवाहियों को रद्द किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक पर्वतारोहण / ट्रेकिंग के दौरान जंगली आग की चपेट में आने के कारण 13 लोगों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन


शीर्ष अदालत में जस्टिस बीवी नागरत्ना और एजी मसीह की पीठ ने बेल्जियम के नागरिक को राहत देने का आदेश पारित किया। इससे पहले मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने 20 अगस्त, 2022 को बेल्जियन नागरिक को राहत देने से इनकार कर दिया था।
विज्ञापन


बेल्जियम के नागरिक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए सुप्रीम कोर्ट में दो जजों की खंडपीठ ने कहा, पर्वतारोहण / ट्रेकिंग कर रहा दल दुर्भाग्य से जंगल की आग में घिर गए। मौत केवल दुर्घटना है। इससे अपीलकर्ता (बेल्जियम के नागरिक) की किसी लापरवाही या आपराधिक इरादे की पुष्टि नहीं होती। अपीलकर्ता की उन ट्रेकर्स की मृत्यु में कोई भूमिका नहीं थी। जंगल की आग प्राकृतिक कारणों से लगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील पर राहत देने का एलान करते हुए शीर्ष अदालत ने नोट किया कि लगभग छह साल पहले 11 मार्च, 2018 को हुए हादसे में 13 लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल भी हुए। हादसे के बाद 12 मार्च, 2018 को एक प्राथमिकी दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि ट्रेकिंग अभियान में शामिल लोग जंगल की आग में फंस गए थे और जान बचाकर जंगल से भागने में सफलता नहीं मिली। आग की चपेट में आए ट्रेकर चारों दिशाओं से लगी आग की चपेट में आ गए। नतीजतन 13 लोगों की मौत के मामले में बेल्जियम के नागरिक का कोई दोष साबित नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed