Supreme Court: सीएए पर 19 मार्च को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट; ईवीएम के खिलाफ दायर याचिका खारिज
आईयूएमएल का दावा है कि सीएए कानून के प्रावधान मनमाने हैं और सिर्फ धार्मिक पहचान के आधार पर एक वर्ग को अनुचित लाभ देते हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन है। आईयूएमएल ने कहा है कि अगर कानून के मुताबिक किसी को नागरिकता दे दी गई तो फिर इसे वापस नहीं लिया जा सकेगा।
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ईवीएम के खिलाफ दायर याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज
के कविता की ईडी समन के खिलाफ याचिका पर सुनवाई 19 मार्च तक टली
अभिषेक बनर्जी की याचिका पर 19 मार्च को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर की छुट्टी की याचिका पर शुक्रवार को सीबीआई से जवाब मांगा। जस्टिस जेके माहेश्वरी और संजय करोल की पीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा कि वह सक्षम प्राधिकारी को मामले पर फैसला करने के लिए कह सकती है। खोखर की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह सामाजिक संबंधों को बनाए रखने के लिए छुट्टी की मांग कर रहे हैं। पीठ ने मामले को अप्रैल महीने में आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
हाईकोर्ट के पूर्व जजों की पेंशन में भेदभाव नहीं किया जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पेंशन लाभ की गणना में इस आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता कि वे बार या जिला न्यायपालिका से पदोन्नत किए गए थे।
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि जिला न्यायपालिका से पदोन्नत सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीश की पेंशन लाभ की गणना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उनके ली गई अंतिम वेतन के आधार पर की जानी चाहिए। पीठ पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश के पेंशन लाभ से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी।
सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी मामले में सभी एफआईआर को एक साथ जोड़ने वाली याचिका पर सुनवाई करेगा शीर्ष कोर्ट
सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन की एफआईआर को एक साथ जोड़ने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने पर अपनी सहमति दे दी है। शीर्ष कोर्ट की न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मामले में एक अप्रैल को सुनवाई करने को कहा है।
इससे पहले, 4 मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने उदयनिधि स्टालिन को उनकी कथित टिप्पणी पर फटकार लगाई थी। साथ ही पूछा था कि बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का दुरुपयोग करने के बाद उन्होंने अपने खिलाफ दायर एफआईआर को एक साथ जोड़ने के लिए अदालत का रुख क्यों किया है। शीर्ष अदालत ने स्टालिन से कहा था कि एक मंत्री होने के नाते उन्हें अपने बयानों में सावधानी बरतनी चाहिए थी और उनके संभावित परिणामों के प्रति सचेत रहना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट ने 370 जिलों में विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी की स्थापना न करने पर लिया कड़ा संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देश भर के 370 जिलों में परित्यक्त और आत्मसमर्पण करने वाले बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसियां (एसएए) स्थापित करने में विफलता पर नाराजगी व्यक्त की। साथ ही राज्यों को चेतावनी दी है। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने अफसोस जताते हुए कहा कि देश के 760 जिलों में से 370 में कार्यात्मक एसएए नहीं है। जबकि यह किशोर न्याय अधिनियम के तहत एक आवश्यक कानूनी आवश्यकता है।