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Supreme Court: NEET की वैधता को चुनौती, तमिलनाडु सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
Sun, 19 Feb 2023 08:00 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sun, 19 Feb 2023 08:00 PM IST
सार
तमिलनाडु सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर याचिका में आरोप लगाया है कि नीट जैसी परीक्षाओं के जरिए संविधान के मूल ढांचा का हिस्सा संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन किया जा रहा है। इससे शिक्षा के संबंध में निर्णय लेने की राज्यों की स्वायत्तता छिन जाती है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : Social Media
विस्तार
तमिलनाडु सरकार ने देश भर के मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की वैधता को चुनौती दी है। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में आरोप लगाया है कि एकल साझा प्रवेश परीक्षा संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन है। ‘नीट’ एमबीबीएस और बीडीएस जैसे स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा है। इसके जरिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए भी प्रवेश लिया जा सकता है।
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राज्यों की स्वायत्तता छीनने का लगाया आरोप
तमिलनाडु सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत दायर याचिका में आरोप लगाया है कि नीट जैसी परीक्षाओं के जरिए संविधान के मूल ढांचा का हिस्सा संघवाद के सिद्धांत का उल्लंघन किया जा रहा है। इससे शिक्षा के संबंध में निर्णय लेने की राज्यों की स्वायत्तता छिन जाती है। याचिका अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी के जरिये दायर की गई है।
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याचिका में दी यह दलील
याचिका में कहा गया है कि नीट की वैधता को 2020 में शीर्ष कोर्ट ने इस आधार पर बरकरार रखा था कि अभ्यर्थियों की फीस देने की क्षमता के आधार पर प्रवेश देना, छात्रों का आर्थिक शोषण, मुनाफाखोरी-व्यवसायीकरण जैसी गलत गतिविधियों पर रोक लगाना जरूरी है। हालांकि, इस तरह के आधार सरकारी सीट पर प्रवेश के मामले में लागू नहीं होते। यह फैसला सिर्फ निजी कॉलेज की सीट पर लागू होता है।
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