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Jharkhand Mining Lease Case: हेमंत सोरेन की फर्जी कंपनियों को खदान आवंटन मामला, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर सहमत
Thu, 19 May 2022 01:23 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 19 May 2022 01:23 PM IST
सार
वकीलों ने कहा कि यह गंभीर मामला है, क्योंकि जांच एजेंसी उसे नोटिस जारी किए बगैर एक सीलबंद कवर में झारखंड हाईकोर्ट को दस्तावेज सौंप रही है, जबकि दूसरे पक्ष को ये मुहैया नहीं कराए गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
सुप्रीम कोर्ट झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों द्वारा संचालित कुछ फर्जी कंपनियों को कथित तौर पर खदानों के पट्टे देने के मामले की सुनवाई के लिए तैयार हो गई है। मामला कल सूचीबद्ध किया जाएगा।
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मामले की सीबीआई व ईडी द्वारा जांच को लेकर शीर्ष कोर्ट में अर्जी दायर की गई है। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण व जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल व मुकुल रोहतगी की दलीलें सुनने के बाद सुनवाई पर सहमति दी। वकीलों ने कहा कि यह गंभीर मामला है, क्योंकि जांच एजेंसी उसे नोटिस जारी किए बगैर एक सीलबंद कवर में झारखंड हाईकोर्ट को दस्तावेज सौंप रही है, जबकि दूसरे पक्ष को ये मुहैया नहीं कराए गए हैं। सीजेआई की पीठ ने कहा कि हम मामले को कल सूचीबद्ध करेंगे।
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सिब्बल व रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यह गंभीर मामला है, जिसका हम उल्लेख करना चाहते हैं। मामले में एक जनहित याचिका झारखंड हाईकोर्ट में दायर की गई है, वह अभी स्वीकार नहीं की गई है फिर भी ईडी बीच में आता है और सीलबंद लिफाफे में कुछ दस्तावेज हाईकोर्ट को सौंपता है।
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पीआईएल में सीबीआई-ईडी से जांच की मांग
उधर, हाईकोर्ट खदानों के आवंटन के इस मामले की सीबीआई व ईडी से जांच कराने की मांग वाली पीआईएल पर गुरुवार को भी सुनवाई जारी रखेगी। इस जनहित याचिका में सीएम सोरेन, उनके परिजनों व उनके सहयोगियों द्वारा संचालित मुखौटा कंपनियों को खदानों के पट्टे आवंटित किए जाने के मामले की सीबीआई व ईडी से जांच की मांग की गई है।
सीएम सोरेन को खनन पट्टा आवंटन में आईएएस पूजा सिंघल की भूमिका: ईडी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल कर बताया कि जांच के दौरान पता चला कि खनन विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को खनन पट्टा आवंटन में विशेष भूमिका निभाई। ईडी ने हलफनामा में प्रतिवादी नंबर सात का जिक्र किया गया है। शिवशंकर शर्मा द्वारा मामले की सीबीआई जांच को लेकर हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रतिवादी नंबर सात हैं। साथ ही, ईडी ने ये भी बताया कि इसमें कई कंपनियों की भूमिका भी सामने आई है। ये कंपनियां राज्य के बाहर तक फैली हुई हैं।
उधर, हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को खनन आवंटन और मनरेगा घोटाले से संबंधित ऐ याचिका पर सुनवाई टालते हुए अगली सुनवाई 24 मई को निर्धारित की है। हाईकोर्ट के अगली तारीख तब निर्धारित की जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने जानकारी दी कि झारखंड सरकार ने इस संबंध में हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है, जिस पर कल सुनवाई हो सकती है।