सीबीआई मामला: प्रशांत भूषण की एसआईटी जांच वाली याचिका पर सुनवाई को सुप्रीम कोर्ट तैयार
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सीबीआई मामले पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने गुरूवार को कहा कि वह विशेष निदेशक राकेश अस्थाना सहित सीबीआई के विभिन्न अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की एसआईटी जांच न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग करने वाली जनहित याचिका की जल्द सुनवाई पर विचार करेगा। केंद्र सरकार ने जबरन छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक अस्थाना से सारे अधिकार वापस ले लिए हैं।
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस के कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने एनजीओ 'कॉमन कॉज' की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की यह दलील सुनी कि भ्रष्टाचार के व्यापक मुद्दे हैं, जिनसे जांच एजेंसी प्रभावित हो रही है और जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई की जरूरत है।
पीठ ने भूषण से ब्योरा देने को कहा और उन्हें यकीन दिलाया कि उनकी याचिका की जल्द सुनवाई पर विचार किया जाएगा। 'कॉमन कॉज' ने अस्थाना सहित सीबीआई के कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की एसआईटी जांच न्यायालय की निगरानी में कराने की मांग की है।
बता दें कि शीर्ष न्यायालय बुधवार को सीबीआई प्रमुख वर्मा की उस याचिका पर 26 अक्तूबर को सुनवाई करने पर सहमत हुआ था, जिसमें उन्होंने खुद को छुट्टी पर भेजे जाने और उनसे सारे अधिकार वापस ले लिए जाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी है।
गुरुवार को सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा के घर के बाहर से चार संदिग्धों को पकड़ा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चारों संदिग्धों के नाम धीरज कुमार, अजय कुमार, विनीत कुमार और प्रशांत कुमार है। सभी ने खुद को आईबी का अधिकारी बताया है। फिलहाल दिल्ली पुलिस सभी संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, सीबीआई ने अपने ही विशेष निदेशक (डायरेक्टर) राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उनपर एक कारोबारी सतीष बाबू सना से रिश्वत लेने का आरोप है। यह मामला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी से जुड़ा हुआ है।
वहीं, अस्थाना ने भी पलटवार करते हुए सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। बता दें कि सीबीआई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब दो शीर्ष अधिकारियों ने ही एक-दूसरे के खिलाफ रिश्वत लेने का आरोप लगाया है।
इस मामले में सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने उनके घर पर छापा मारकर 8 मोबाइल फोन और 1 आईपैड जब्त किया है। साथ ही मोइन कुरैशी मामले से जुड़े कुछ दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
Supreme Court agrees to hear a fresh petition filed by advocate Prashant Bhushan seeking SIT probe against CBI officials, including #RakeshAsthana pic.twitter.com/2MvHEo6QTi
— ANI (@ANI) October 25, 2018