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Supreme Court: EWS कोटे पर सात नवंबर को आएगा फैसला, शिक्षा-नौकरी में 10 फीसदी आरक्षण का मामला
Sat, 05 Nov 2022 08:12 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 05 Nov 2022 08:12 PM IST
सार
जनवरी 2019 में 103वें संविधान संशोधन के तहत ईडब्लूएस कोटा लागू किया गया था। इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। पांच जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 फीसदी आरक्षण की शुरुआत करने वाले 103वें संवैधानिक संशोधन की वैधता का निर्धारण करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार यानी सात नवंबर को फैसला सुनाएगा। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने पिछले महीने 103वें संवैधानिक संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा था।
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सुबह 10.30 बजे आएगा फैसला
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुबह 10.30 बजे 10% ईडब्ल्यूएस कोटा कानून की वैधता पर अपना फैसला सुनाएगा। CJI उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट दो अलग-अलग फैसले सुनाएंगे।
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पांच जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की
भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस एस रवींद्र भट, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पांच जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी। मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित आठ नवंबर 2022 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में मामले में फैसला सात नवंबर को ही आ सकता है।
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जनवरी 2019 में लागू किया गया था
जनवरी 2019 में 103वें संविधान संशोधन के तहत ईडब्लूएस कोटा लागू किया गया था। इस कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। पांच जजों की बेंच मामले की सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया था कि एससी, एसटी और ओबीसी में भी गरीब लोग हैं तो फिर यह आरक्षण केवल सामान्य वर्ग के लोगों को क्यों दिया जाता है। इससे 50 फीसदी के आरक्षण नियम का उल्लंघन होता है। पहले से ही ओबीसी को 27 फीसदी, एससी को 15 और एसटी के लिए 7.5 फीसदी कोटा तय किया गया है। ऐसे में 10 फीसदी का ईडब्लूएस कोटा 50 फीसदी के नियम को तोड़ता है।