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Hindi News ›   India News ›   Supreme Court: The power to punish for contempt cannot be taken away even by making a law

सुप्रीम कोर्ट- अवमानना पर दंड देने की शक्ति कानून बना कर भी नहीं छीन सकते 

Wed, 29 Sep 2021 09:35 PM IST
Amit Mandal अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। 
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।  Published by: Amit Mandal Updated Wed, 29 Sep 2021 09:35 PM IST
सार

अदालत ने कहा, ‘अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे कानून बनाकर भी छीना नहीं जा सकता।’ 

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Supreme Court: The power to punish for contempt cannot be taken away even by making a law
सुप्रीम कोर्ट का फैसला - फोटो : social media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि अवमानना के खिलाफ कार्रवाई करने की न्यायालय की शक्ति को कानून बनाकर भी नहीं छीना जा सकता। यह कहते हुए शीर्ष अदालत ने अदालत को ‘नाराज करने तथा धमकाने’ पर 25 लाख रुपये का जुर्माना जमा न कराने पर गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) सुराज इंडिया ट्रस्ट के चेयरमैन राजीव दहिया को अवमानना का दोषी ठहराया है। उसे सात अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी।
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जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने कहा, ‘अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति एक संवैधानिक अधिकार है, जिसे कानून बनाकर भी छीना नहीं जा सकता।’ न्यायालय ने 2017 में दिए आदेश में दहिया को बिना किसी सफलता के 64 जनहित याचिकाएं दायर करने और शीर्ष न्यायालय के न्यायाधिकार क्षेत्र का ‘बार-बार दुरुपयोग’ करने के लिए 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।
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