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एक लाख जुर्माने के उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक
Sat, 26 Dec 2020 03:32 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Dec 2020 03:32 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
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गलत मंशा के साथ आपराधिक रिट याचिका दायर करने पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाने वाले उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। साथ ही इस मामले में शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड सरकार व अन्य प्रतिवादियों को नोटिस भी जारी किया है।
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जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस कृष्ण मुरारी की पीठ ने जाजविंदर सिंह व अन्य द्वारा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर प्रतिवादियों से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
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पीठ ने याचिकाकर्ताओं को राज्य के स्टैंडिंग कॉउंसिल को याचिका की प्रति देने को कहा। साथ ही कहा, हाईकोर्ट द्वारा 19 अगस्त को जारी आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक प्रभावी नहीं होगा।
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दरअसल, हाईकोर्ट ने पाया था कि याचिकाकर्ता ने पूर्व में भी रिट याचिका दायर की थी जिसमें उसने उसी तरह राहत मांगी थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि यह जानते हुए भी कि समान राहत के लिए पूर्व में दायर रिट याचिका का निपटारा हो चुका है याचिकाकर्ता ने फिर उसी तरह की याचिका दायर की।
हाईकोर्ट ने इसे रिट याचिका का दुरुपयोग और कानूनी प्रक्रिया का मखौल उड़ाना बताते हुए याचिकाकर्ता पर एक लाख रुपए जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता को अच्छी मंशा के साथ अदालत आना था। हाईकोर्ट ने जुर्माना दो महीने में उत्तराखंड विधिक सेवा अथॉरिटी में जमा करने को कहा था।