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SC: प्रसारण लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए सुरक्षा मंजूरी की जरूरत नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने की टिप्पणी

Tue, 01 Nov 2022 09:10 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 01 Nov 2022 09:10 PM IST
सार

शीर्ष अदालत ने 15 मार्च को समाचार चैनल 'मीडिया वन' का लाइसेंस रद्द करने और सुरक्षा के आधार पर इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के 31 जनवरी के निर्देश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि समाचार चैनल अपना संचालन जारी रखेगा क्योंकि यह प्रसारण पर प्रतिबंध लगने से पहले चल रहा था। 

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Supreme Court says Security clearance not needed for renewal of broadcast licence
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को मलयालम समाचार चैनल 'मीडिया वन' के रिनूवल संबंधी मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि प्रसारण लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए केंद्र से सुरक्षा मंजूरी की जरूरत नहीं है। ऐसे में सरकार के पास कोई नई शर्त लगाने का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की पीठ ने यह टिप्पणी केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ समाचार चैनल की याचिका पर सुनवाई करते हुए की, जिसमें सुरक्षा आधार पर इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के फैसले को बरकरार रखा गया था। 

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चैनल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि "प्रेस की स्वतंत्रता" पूरे विवाद के केंद्र में है। साथ ही केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 गृह मंत्रालय से प्रसारण लाइसेंस के नवीनीकरण के मामले में सुरक्षा मंजूरी की किसी भी आवश्यकता पर विचार नहीं करता है।  
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उन्होंने साफ किया, "अधिनियम स्वयं कुछ शर्तों को प्रदान करता है जिन्हें पूरा करने की आवश्यकता होती है जैसे भारत की संप्रभुता और अखंडता के हित, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्य के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध, सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता और नैतिकता, अदालत की अवमानना आदि। जब हमने प्रोग्राम कोड का उल्लंघन किया तो एक भी उदाहरण नहीं बताया गया।" उन्होंने कहा कि यदि अधिनियम में लिखी हुई इन शर्तों में से कोई भी पूरा नहीं किया जाता है, तो चैनल पंजीकरण और लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए पात्र नहीं है, लेकिन सरकार जबरन कोई नई शर्त नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि नवीनीकरण की स्थिति में सामान्य नियम और शर्तें हैं जो सुरक्षा मंजूरी की आवश्यकता के बारे में कुछ नहीं कहती हैं। अगर कोई उल्लंघन होता है तो कानून के तहत कई सुरक्षा उपाय प्रदान किए जाते हैं।  
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गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने 15 मार्च को समाचार चैनल 'मीडिया वन' का लाइसेंस रद्द करने और सुरक्षा के आधार पर इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने के केंद्र के 31 जनवरी के निर्देश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि समाचार और करंट अफेयर्स चैनल अपना संचालन जारी रखेगा क्योंकि यह प्रसारण पर प्रतिबंध से पहले चल रहा था। इस मामले में अब कल फिर सुनवाई होगी। 

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