फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court Says Punjab rights will not diminish by increasing the scope of BSF

SC: ‘बीएसएफ का दायरा बढ़ने से नहीं घटेंगे पंजाब के अधिकार’, राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

Sat, 02 Dec 2023 06:34 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sat, 02 Dec 2023 06:34 AM IST
सार

शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार को राज्य के भीतर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र से संबंधित मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने का निर्देश दिया। देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अधिसूचनाओं को देखकर कहा कि पंजाब पुलिस से जांच की शक्ति नहीं छीनी गई है।

विज्ञापन
Supreme Court Says Punjab rights will not diminish by increasing the scope of BSF
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय सीमा के भीतर तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार के दायरे को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर करने का केंद्र का फैसला पंजाब पुलिस के जांच अधिकारों को छीनना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को यह टिप्पणी पंजाब पुलिस के 2021 में दायर मुकदमे पर सुनवाई के दौरान की।
विज्ञापन


शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही केंद्र और पंजाब सरकार को राज्य के भीतर बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र से संबंधित मुद्दे को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने का निर्देश दिया। देश के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अधिसूचनाओं को देखकर कहा कि पंजाब पुलिस से जांच की शक्ति नहीं छीनी गई है। केंद्र का फैसला बीएसएफ को असम, पश्चिम बंगाल और पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के भीतर 50 किलोमीटर के बड़े दायरे में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी की अनुमति देता है। इसी संदर्भ में जारी अधिसूचना को पंजाब सरकार की तरफ से 2021 में चुनौती दी गई थी। पीठ ने दोनों पक्षों से कहा, यह एक वाद है। बेहतर है कि दोनों पक्षकार मुद्दों पर आपस में विचार-विमर्श करें ताकि सुनवाई की अगली तारीख से पहले मामले का निपटारा हो सके।
विज्ञापन


केंद्र ने कहा-समवर्ती शक्तियां शामिल
शीर्ष कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने इस बात को रेखांकित किया कि विस्तारित क्षेत्राधिकार में स्थानीय पुलिस के साथ समवर्ती शक्तियां शामिल हैं। शक्तियां विशेष रूप से बीएसएफ के पास निहित नहीं होंगी। उन्होंने इस पर भी जोर दिया कि पासपोर्ट संबंधी मुद्दे जैसे केवल कुछ अपराध ही साझा क्षेत्राधिकार में आते हैं। मेहता ने यह भी बताया कि 2021 में मुकदमा दायर होने के बाद से स्थिति बदल गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजाब की दलील-अधिकार घटे
पंजाब सरकार की तरफ से पेश वकील शादान फरासत ने तर्क दिया कि यह अपेक्षाकृत एक छोटा आकार है और समानांतर क्षेत्राधिकार का अस्तित्व राज्य के अधिकार सीमित करता है। जवाब में सॉलीसिटर जनरल ने स्पष्ट किया कि जिस अधिसूचना को चुनौती दी गई है इसमें सभी संज्ञेय अपराध शामिल नहीं हैं। हालांकि, फरासत ने तर्क दिया कि विस्तारित क्षेत्राधिकार पंजाब को बहुत प्रभावित करता है। इसी तर्क-वितर्क के बीच शीर्ष अदालत ने अगली सुनवाई से पहले इस मुद्दे पर बैठकें करने निर्देश दिया। साथ ही पंजाब के एडवोकेट जनरल (एजी) को भी दोनों पक्षों की इस बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed