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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वह राज्यों को स्कीम लागू करने का निर्देश देगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Nov 2018 07:25 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह राज्यों को नालसा की मदद से केंद्र सरकार द्वारा तैयार ड्राफ्ट गवाह सुरक्षा स्कीम को लागू करने का निर्देश देगा। सोमवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति एके सिकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि ड्राफ्ट स्कीम को अंतिम रूप दे दिया गया है और जल्द ही कानून बना दिया जाएगा।
अटॉर्नी जनरल ने पीठ से कहा कि जब तक कानून नहीं बन जाता तब तक राज्यों को ड्राफ्ट स्कीम लागू करने का निर्देश दिया जाए। इस पर पीठ ने कहा कि हम इस संबंध में आदेश पारित करेंगे और सभी राज्यों को ड्राफ्ट स्कीम का पालन करने का निर्देश देंगे।
मालूम हो कि यह मसला आसाराम मामले के गवाहों को सुरक्षा देने के मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था। पीठ ने पाया था कि आसाराम पर केखिलाफ चल रहे बलात्कार केदो मामलों के तीन गवाहों की हत्या हो चुकी है और करीब एक दर्जन लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं। याचिकाकर्ताओं में से एक वर्ष 2001 से 2005 के बीच आसाराम का निजी सहायक रह चुका है।
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उस पर मई 2015 में पानीपत स्थित उसकेनिवास पर जानलेवा हमला हुआ था। अन्य याचिकाकर्ता में एक बलात्कार पीड़िता केपिता, मृतक गवाह केपिता और एक पत्रकार शामिल है। इस पत्रकार पर भी जानलेवा हमला हो चुका है।
शुरुआत में जब यह मामला आया था उस वक्त शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था क्योंकि गवाह इन्हीं राज्यों से थे। लेकिन अब पीठ ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्यों को शामिल कर लिया था।
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अटॉर्नी जनरल ने पीठ से कहा कि जब तक कानून नहीं बन जाता तब तक राज्यों को ड्राफ्ट स्कीम लागू करने का निर्देश दिया जाए। इस पर पीठ ने कहा कि हम इस संबंध में आदेश पारित करेंगे और सभी राज्यों को ड्राफ्ट स्कीम का पालन करने का निर्देश देंगे।
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मालूम हो कि यह मसला आसाराम मामले के गवाहों को सुरक्षा देने के मामले पर सुनवाई के दौरान उठा था। पीठ ने पाया था कि आसाराम पर केखिलाफ चल रहे बलात्कार केदो मामलों के तीन गवाहों की हत्या हो चुकी है और करीब एक दर्जन लोगों पर जानलेवा हमले हुए हैं। याचिकाकर्ताओं में से एक वर्ष 2001 से 2005 के बीच आसाराम का निजी सहायक रह चुका है।
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उस पर मई 2015 में पानीपत स्थित उसकेनिवास पर जानलेवा हमला हुआ था। अन्य याचिकाकर्ता में एक बलात्कार पीड़िता केपिता, मृतक गवाह केपिता और एक पत्रकार शामिल है। इस पत्रकार पर भी जानलेवा हमला हो चुका है।
शुरुआत में जब यह मामला आया था उस वक्त शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था क्योंकि गवाह इन्हीं राज्यों से थे। लेकिन अब पीठ ने याचिका का दायरा बढ़ाते हुए सभी राज्यों को शामिल कर लिया था।