फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court says Government should reconsider the guidelines removing suicide from Corona death certificate

सुप्रीम कोर्ट: कोरोना मृत्यु प्रमाणपत्र से खुदकुशी को हटाने वाले दिशानिर्देश पर फिर से विचार करे सरकार

Tue, 14 Sep 2021 03:20 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 14 Sep 2021 03:20 AM IST
सार

केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार, कोरोना पीड़ित व्यक्ति ने यदि आत्महत्या की है, तो वह कोरोना मृत्यु प्रमाणपत्र का हकदार नहीं होगा। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

विज्ञापन
Supreme Court says Government should reconsider the guidelines removing suicide from Corona death certificate
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह कोरोना मृत्यु प्रमाणपत्र से आत्महत्या को बाहर रखने वाले अपने दिशानिर्देश पर पुनर्विचार करे। कोर्ट ने अनुपालन रिपोर्ट पर संतोष जताते हुए कुछ सवाल भी उठाए हैं। दरअसल कोरोना से मौत होने पर परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि के लिए कोविड-19 मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी है।

विज्ञापन


जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा, आपने विशेष रूप से कहा है कि कोरोना पीड़ित व्यक्ति ने यदि आत्महत्या की है, तो वह ऐसे प्रमाणपत्र का हकदार नहीं होगा। इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की जरूरत है। मेहता ने कहा कि अदालत द्वारा उठाई गई चिंताओं पर विचार किया जाएगा।
विज्ञापन


केंद्र द्वारा दायर अनुपालन रिपोर्ट पर गौर करते हुए पीठ ने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। पीठ ने कहा, हमने आपके हलफनामे को देखा है, यह ठीक लगता है। हालांकि दो-तीन चीजें हैं, जो खटक रही हैं। उन लोगों का क्या होगा, जिन्होंने कोरोना से पीड़ित रहते हुए खुदकुशी की है। कोर्ट ने पूछा कि सरकार द्वारा जारी नीति को राज्य कैसे लागू करेंगे। उन प्रमाणपत्रों के बारे में क्या जो पहले जारी किए जा चुके हैं और अस्पतालों द्वारा दिए गए दस्तावेजों को लेकर परिवार के सदस्य एतराज कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ कमियों को दूर करना होगा
पीठ ने पूछा कि जिला स्तर पर समिति का गठन कब किया जाएगा और समिति के समक्ष कोविड पीड़ितों को क्या दस्तावेज जमा कराने होंगे। पीठ ने कहा, अनुपालन रिपोर्ट देखने से ऐसा लगता है कि कुछ कमियां रह गई हैं, जिन्हें दूर किया जाना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में 80 फीसदी समस्याओं का समाधान कर दिया गया है।


केंद्र ने संक्रमित के खुदकुशी को नहीं माना कोरोना मौत
वकील रीपक कंसल और गौरव कुमार बंसल की याचिकाओं पर 30 जून को पारित एक आदेश के बाद गत शनिवार को सरकार ने एक दिशानिर्देश जारी किए थे। दरअसल स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के संयुक्त दिशा-निर्देश में कहा गया है कि आत्महत्या, हत्या या दुर्घटना के कारण जीवन की हानि को कोरोना से मौत नहीं माना जाएगा, भले ही वह कोविड संक्रमित रहे हों।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed