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सुप्रीम कोर्ट: कोविड महामारी ने जिंदगियां तबाह की, पर केंद्र व राज्यों की योजनाओं पर जताया संतोष
Tue, 31 Aug 2021 09:45 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 31 Aug 2021 09:45 AM IST
सार
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा, महामारी में माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों का अस्तित्व दांव पर
- हमें खुशी है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए योजनाओं की घोषणा की
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 ने कई जिंदगियों को तबाह कर दिया है। यह दिल दहला देने वाला है कि महामारी के दौरान माता-पिता में किसी एक या दोनों को खो देने वाले बच्चों का अस्तित्व दांव पर है। शीर्ष अदालत ने हालांकि केंद्र और राज्यों की योजनाओं पर संतोष जताया।
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा, महामारी में माता-पिता को गंवाने वाले बच्चों का अस्तित्व दांव पर
जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा, हमें खुशी है कि केंद्र और राज्य सरकारों ने जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए योजनाओं की घोषणा की है। हमें इसमें कोई संदेह नहीं है कि संबंधित अथॉरिटी कमजोर बच्चों की तत्काल बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
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स्वत: संज्ञान मामले पर शीर्ष अदालत ने कहा, एक लाख से अधिक बच्चों ने महामारी के दौरान या तो माता-पिता में से किसी एक को या दोनों को खो दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि बाल कल्याण समिति द्वारा उन बच्चों की पहचान के लिए जांच तेज करनी होगी, जिन्हें देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा पाने का सांविधानिक अधिकार है और बच्चों को सुविधा मुहैया कराना राज्य का दायित्व है।
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