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Supreme Court: बेनामी लेनदेन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तीन साल की सजा का कानून निरस्त
Tue, 23 Aug 2022 12:13 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Tue, 23 Aug 2022 12:13 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बेनामी कानून में बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम 2016 को केवल भविष्यदपेक्षक रूप से लागू किया जा सकता है ना कि पूर्वव्यापी रूप से।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बेनामी लेनदेन अधिनियम को लेकर बड़ा फैसला किया है। कोर्ट ने कहा है कि बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3 (2) असंवैधानिक है। यह धारा स्पष्ट रूप से मनमानी है। कोर्ट ने कहा, बेनामी अधिनियम में 2016 में हुए संशोधन को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं किया जा सकता है।
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इसके साथ ही कोर्ट ने बेनामी संपत्ति के लिए 3 साल की सजा के कानून को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि संपत्ति जब्त करने का अधिकार पिछली तारीख से लागू नहीं होगा। पुराने मामलों में 2016 के कानून के तहत कार्रवाई नहीं होगी।
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बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम की धारा 3 (2) में कहा गया है कि जो कोई भी बेनामी लेनदेन में लिप्त है, उसे तीन साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।
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