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एम्स जल्द बनाए नशे के खतरे से निपटने को राष्ट्रीय कार्ययोजना : सुप्रीम कोर्ट
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Mon, 23 Jul 2018 05:09 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने एम्स से स्कूली बच्चों समेत समाज में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय कार्ययोजना तैयार करने को कहा है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह से साफ कहा कि केंद्र सरकार और एम्स को इस समस्या से निपटने के लिए योजना बनाने का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। यह राष्ट्रीय महत्व का मामला है।
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पीठ ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह की दलील सुनने के बाद एम्स के अधिकारियों को उच्च अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट को 7 सितंबर या उससे पहले अंतिम रूप देने का निर्देश दिया। इसके बाद कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। पीठ ने कहा, ‘एम्स अधिकारियों को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि यह नीति तैयार करना देशहित में है। इसमें देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’
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पीठ ने यह आदेश के जगदीश्वर रेड्डी के वकील श्रवण कुमार द्वारा लगाए गए उन आरोपों पर दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि गैर सरकारी संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की अपील पर सुप्रीम कोर्ट के 2016 में दिए गए फैसले का पालन नहीं किया जा रहा है।
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नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की संस्था द्वारा दायर पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में दिशानिर्देश जारी किए थे और केंद्र सरकार को छह महीने के अंदर नशे के खतरे को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना बनाने को कहा था।