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सुप्रीम कोर्ट: हाईकोर्ट में अस्थायी जजों की नियुक्ति करने पर कर रहा है विचार

Fri, 09 Apr 2021 03:39 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Fri, 09 Apr 2021 03:39 AM IST
सार

  • पीठ ने कई हाईकोर्ट के ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों को आपस में बातचीत कर नियुक्ति को लेकर सुझाव देने के लिए कहा है
  • सीजेआई ने कहा, हम उन परिस्थितियों की पहचान करना चाहते हैं जिनके आधार पर हाईकोर्ट में अस्थायी रूप से जजों की नियुक्ति की जा सके

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Supreme Court said he is considering appointing temporary judges in the High Court
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा, बड़ी संख्या में लंबित मामलों की समस्या से निपटने के लिए वह हाईकोर्ट में अस्थायी जजों की नियुक्ति को लेकर दिशा-निर्देश बनाने पर विचार कर रहा है।

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सीजेआई ने हाईकोर्ट के वकीलों को आपस में बातचीत कर सुझाव देने को कहा
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने गैर सरकारी संगठन लोक प्रहरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही है।
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पीठ ने कई हाईकोर्ट के ओर से पेश वरिष्ठ वकीलों को आपस में बातचीत कर नियुक्ति को लेकर सुझाव देने के लिए कहा है। सीजेआई ने कहा, हम उन परिस्थितियों की पहचान करना चाहते हैं जिनके आधार पर हाईकोर्ट में अस्थायी रूप से जजों की नियुक्ति की जा सके।
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करीब दो घंटे चली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल आरएस सूरी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि हाईकोर्ट में अस्थायी तौर पर अतिरिक्त जजों की नियुक्ति तभी हो सकती है जब स्थायी जजों की भर्ती को पूरा कर लिया जाए। सरकार ने इस संबंध में संविधान के अनुच्छेद-224ए का हवाला दिया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में नियम दिखाने के लिए कहा है।
 
सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत जजों की संख्या 34, फिलहाल 29 जज ही हैं
सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम की बैठक बेनतीजा रही। जानकारी के मुताबिक, इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के नामों पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत जजों की संख्या 34 है लेकिन  फिलहाल 29 जज ही हैं।

माना जा रहा है कि कॉलेजियम की बैठक के बाद चीफ जस्टिस बोबडे सुप्रीम कोर्ट में किसी जज को नियुक्त किए बिना ही सेवानिवृत्त हो सकते हैं। वास्तव में जस्टिस एनवी रमना को भारत का अगला प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने संबंधी अधिसूचना जारी करने के बाद चीफ जस्टिस बोबडे द्वारा किसी की सिफारिश करने की संभावना लगभग खत्म सी हो गई है। चीफ जस्टिस बोबडे 23 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट सूत्रों के मुताबिक, चीफ जस्टिस बोबडे, जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एएम खानविलकर वाली सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक हुई। इस बैठक में त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अखिल कुरैशी, कर्नाटक हाईकोर्ट के वरिष्ठ जज जस्टिस बीवी नागराथा सहित कई अन्य को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त करने को लेकर चर्चा हुई, लेकिन बैठक में किसी के नाम पर  अंतिम मुहर नहीं लग सकी। खराब स्वास्थ्य के बावजूद जस्टिस रमना इस बैठक में शामिल हुए थे।


बैठक से पहले कुछ जजों ने जताई थी आपत्ति
जानकारी के मुताबिक, बृहस्पतिवार को कॉलेजियम की होने वाली बैठक से पूर्व सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों ने आपत्ति भी जताई थी। सुप्रीम कोर्ट के कुछ जजों का मानना था कि चूंकि जस्टिस रमना को भारत का अगला प्रधान न्यायाधीश नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है, ऐसे में चीफ जस्टिस बोबडे को कॉलेजियम की बैठक नहीं करनी चाहिए। हालांकि, यह परंपरा रही है लेकिन बैठक करने पर कोई पाबंदी नहीं है।

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