फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court said Delay in execution of arbitral decisions sad situation

सुप्रीम कोर्ट: मध्यस्थ निर्णयों के निष्पादन में देरी दुखद स्थिति, निचली अदालतों में लंबित मामलों का आंकड़ा तलब 

Sun, 03 Apr 2022 05:10 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 03 Apr 2022 05:10 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मध्यस्थता अवार्ड वर्ष 1992 में पारित किया गया था। जबकि निष्पादन याचिका वर्ष 2003 की है, जो अभी भी लंबित है। पीठ ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 साल के बाद भी जिसके पक्ष में फैसला दिया गया वह उसका सुख भोग नहीं पा रहा है। 

विज्ञापन
Supreme Court said Delay in execution of arbitral decisions sad situation
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई

विस्तार

मध्यस्थ निर्णयों के निष्पादन में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद स्थिति बताया। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने ये टिप्पणी वर्ष 1992 में पारित एक  निर्णय का 30 साल बीत जाने के बावजूद निष्पादन न हो पाने के मामले की सुनवाई के दौरान की।

विज्ञापन


पीठ ने कहा, यह मामला मध्यस्थता की कार्यवाही को विफल करने का एक ज्वलंत उदाहरण है। पीठ ने पाया कि मध्यस्थता अवार्ड वर्ष 1992 में पारित किया गया था। जबकि निष्पादन याचिका वर्ष 2003 की है, जो अभी भी लंबित है। पीठ ने कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि 30 साल के बाद भी जिसके पक्ष में फैसला दिया गया वह उसका सुख भोग नहीं पा रहा है। निष्पादन कार्यवाही भी 20 से अधिक वर्षों से लंबित है। पीठ ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को अधीनस्थ अदालतों में लंबित निष्पादन याचिकाओं को रिकॉर्ड अगली सुनवाई तक पेश करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

 
पीठ ने कहा, यदि मध्यस्थता अधिनियम के तहत दिया गया निर्णय जल्द से जल्द निष्पादित नहीं किया जाता है तो यह मध्यस्थता अधिनियम के साथ-साथ वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम के उद्देश्य को विफल करता है। नए वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम, 2015 के अनुसार वाणिज्यिक विवाद को जल्द से जल्द और एक वर्ष के भीतर निपटाना आवश्यक है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed