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SC: 'घर खरीदारों से सख्ती न बरतें बिल्डर, बैंक'; सुप्रीम कोर्ट ने किस्त भुगतान की देरी पर कार्रवाई से रोक लगाई

Fri, 19 Jul 2024 05:29 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Fri, 19 Jul 2024 05:29 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में घर खरीदारों को राहत दी है। कोर्ट ने बिल्डर और बैंक से कहा है कि किस्त भुगतान में देरी होने पर कार्रवाई ना करें।

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Supreme Court said- builders, banks should not be strict with home buyers
Supreme court - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर में अब तक घर का कब्जा नहीं पाने वाले खरीदारों को बड़ी राहत देते हुए बैंकों को उनके खिलाफ किस्त भुगतान में देरी या चेक बाउंस होने पर कार्रवाई से रोक दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि बैंक, वित्तीय संस्थाएं या बिल्डर की ओर से ऐसे किसी भी घर खरीदार के खिलाफ मुकदमे पर विचार नहीं किया जाएगा।
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अदालत दिल्ली हाईकोर्ट के 14 मार्च, 2023 के उस आदेश के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कई घर खरीदारों की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। खरीदारों ने बैंकों व वित्तीय संस्थानों को निर्देश देने की मांग की थी कि वे उनके फ्लैटों का कब्जा दिए जाने तक ईएमआई न लें। खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जहां उनकी अपील मंजूर कर ली गई। कोर्ट ने संबंधित पक्षकारों से जवाब मांगा है। जस्टिस सूर्यकांत व जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने 15 जुलाई को केंद्र, बैंकों व अन्य को नोटिस जारी किया। इस बीच, सभी मामलों में अंतरिम रोक रहेगी।
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अंतिम मौका : दो सप्ताह में जवाबी हलफनामा दें बैंक
पीठ ने कहा, अधिकांश वित्तीय संस्थानों, बैंकों ने जवाबी हलफनामे दाखिल कर दिए हैं। जिन्होंने नहीं किए हैं, उन्हें दो सप्ताह का अंतिम मौका दिया जाता है। इस मामले में अगली सुनवाई 27 सितंबर को होगी। घर खरीदारों ने शीर्ष कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा कि वे आरबीआई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए बैंक की ओर से सीधे बिल्डर के खाते में ऋण के अवैध वितरण के शिकार हैं। हाईकोर्ट ने इस आधार पर रिट याचिकाओं पर विचार से मना कर दिया था कि याचिकाकर्ताओं के पास उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, दिवाला व दिवालियापन संहिता और रियल एस्टेट विनियमन व विकास अधिनियम जैसे कानूनों के तहत वैकल्पिक उपाय हैं।
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