फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court remark in the case of stray dogs Even for humans we dont receive so many applications

Supreme Court: 'इतने आवेदन के इन्सानों के लिए भी नहीं आते', लावारिस कुत्तों के मामले में 'सुप्रीम' टिप्पणी

Wed, 07 Jan 2026 03:58 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 07 Jan 2026 03:58 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने लावारिस कुत्तों से जुड़े मामले में बढ़ती अंतरिम याचिकाओं पर चिंता जताई और कहा कि इतनी याचिकाएं सामान्य इंसानी मामलों में भी नहीं आतीं। इस मामले में आज यानी बुधवार को विशेष सुनवाई होने वाली है। 

विज्ञापन
Supreme Court remark in the case of stray dogs Even for humans we dont receive so many applications
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

विज्ञापन

लावारिस कुत्तों से जुड़े मामले में बड़ी संख्या में दायर हो रही अंतरिम अर्जियों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त टिप्पणी की। शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में जितनी अर्जियां दाखिल की जा रही हैं, उतनी तो आम तौर पर इन्सानों से जुड़े मामलों में भी नहीं आतीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लावारिस कुत्तों से जुड़ा मामला बुधवार को विस्तृत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष दो वकीलों ने लावारिस कुत्तों के मामले का उल्लेख किया।

इनमें से एक ने बताया कि उन्होंने अंतरिम अर्जी दाखिल की है। तब जस्टिस संदीप मेहता ने टिप्पणी करते हुए कहा, इतनी अर्जियां तो सामान्य तौर पर इंसानों के मामलों में भी नहीं आतीं। अत्यधिक अर्जियों के कारण मामले की सुनवाई और प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

विज्ञापन


मामले में सुनवाई के लिए तीन न्यायाधीशों की पीठ गठित
एक अन्य वकील ने जब स्थानांतरण याचिका का उल्लेख किया, तो पीठ ने कहा कि बुधवार को कई याचिकाएं एकसाथ सुनी जाएंगी। सभी पक्षों को बात रखने का अवसर दिया जाएगा। इस मामले में सुनवाई के लिए तीन न्यायाधीशों की विशेष पीठ गठित की गई है। इसमें जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन वी अंजारिया शामिल हैं। यह पीठ लावारिस कुत्तों की समस्या, उससे उत्पन्न जनसुरक्षा के जोखिम व प्रशासनिक कदमों की समीक्षा करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद भूखंड आवंटन में इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पलटा
दूसरी ओर शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के 24 मई, 2024 और 15 जुलाई, 2024 के आदेशों को रद्द कर दिया। साथ ही कंपनी को निर्देश दिया कि वह बयाना राशि को चार सप्ताह के भीतर दोबारा जमा करे। जीडीए से कहा कि बयाना राशि जमा करने की तिथि से दो सप्ताह के भीतर वह उक्त कंपनी के पक्ष में संबंधित भूखंड के आवंटन का आदेश जारी करेगा और नीलामी प्रक्रिया को कंपनी के पक्ष में संपन्न करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed