फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme court refuses to increase deadline for admission in PG medical course

पीजी मेडिकल कोर्स में दाखिले की डेडलाइन बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Sat, 22 Jun 2019 12:28 AM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Sat, 22 Jun 2019 12:28 AM IST
विज्ञापन
Supreme court refuses to increase deadline for admission in PG medical course
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने पीजी मेडिकल और डेंटल कोर्स में खाली पड़ी 603 सीटों पर दाखिले के लिए तय की गई 31 मई की डेडलाइन को बढ़ाने की मांग वाली डीम्ड यूनिवर्सिटी व निजी कालेजों की याचिका को खारिज कर दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि डेडलाइन को पालन किया जाना चाहिए नहीं तो इस तरह की याचिकाओं की बाढ़ आ जाएगी। एजुकेशन प्रमोशन सोसायटी ने याचिका दायर कर काउंसलिंग की तारीख बढ़ाने की गुहार की थी। इस सोसायटी के तहत 1354 शैक्षणिक संस्थाथ पंजीकृत है।
विज्ञापन

 
न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि याचिका में मेरिट का अभाव बताते हुए दाखिले की आखिरी तारीख बढ़ाने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया था कि पीजी मेडिकल और डेंटर कोर्स के लिए निजी कॉलेजों में कुल 603 सीटें खाली है। इनमें दाखिले के लिए काउंसिलिंग की आखिरी तारीख 31 मई थी।
विज्ञापन


केंद्र सरकार ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे गलत परिपाटी शुरू हो जाएगी। डेडलाइन का एक मकसद होता है और सभी पहलुओं पर गौर करने केबाद यह तय किया जाता है। डेडलाइन बढ़ाने से सभी राज्य प्रभावित होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
इस पर पीठ ने कहा कि डेडलाइन नहीं बढ़ाने से ये सीटें खाली रह जाएंगी। पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि काउंसिलिंग की आखिरी तारीख हम बढ़ा सकते हैं लेकिन सवाल यह है कि क्या हमें ऐसा करना चाहिए? 


याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि  सभी दाखिले नीट की मेरिट केआधार पर ही होगा और एक हफ्ते में इस काम को पूरा कर लिया जाएगा, लिहाजा काउंसलिंग की आखिरी तारीखी बढ़ाई जानी चाहिए। इस पर पीठ ने कहा कि हमें पता है इसमें बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। हम इस तरह से इसे नहीं खोलना चाहते कि आप छात्रों का दाखिले ले ले। वहीं सरकार की ओर से पेश एडशिल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी ने कहा कि यह एक खतरनाक याचिका है। अगर ऐसी इजाजत दी जाएगी तो यह गलत परिपाटी बन जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed