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कंप्यूटर निगरानी संबंधी अधिसूचना के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार
Thu, 03 Jan 2019 09:21 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Thu, 03 Jan 2019 09:21 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट ने वृहस्पतिवार को कहा कि वह आवश्यकतानुसार उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें 10 सरकारी एजेंसियों को किसी भी कंप्यूटर को इंटरसेप्ट व निगरानी करने के लिए अधकित करने संबंधित केंद्र सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता वकील एमएल शर्मा ने वृहस्पतिवार को चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ केसमक्ष अपनी याचिका का उल्लेख करते हुए याचिका पर जल्द सुनवाई की गुहार लगाई।
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शर्मा ने कहा कि उन्हें बुधवार को यह जानकारी भी मिली है कि जजों के परिवार केलोगों के टेलिफोन और कंप्यूटरों पर निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह मामले बेहद गंभीर है, लिहाजा इस पर जल्द सुनवाई की जाए। मालूम हो कि वकील शर्मा पर ही पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट फालतू जनहित याचिका दायर करने पर जुर्माना लगाया था। पीठ ने वकील शर्मा से पूछा कि क्या आपने जुर्माने की राशि जमा कर दी है। जवाब हां में मिलने पर पीठ ने कहा कि वह उसकी नई जनहित याचिका पर आवश्यकतानुसार सुनवाई करेगी।
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शर्मा ने अपनी याचिका में 20 दिसंबर केइस सरकारी अधिसूचना को निरस्त करने की गुहार की है। साथ ही याचिका में यह भी कहा गया कि इस अधिसूचना केआधार पर इन एजेंसियों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम केप्रावधानों केतहत जांच व आपराधिक कार्यवाही शुरू करने से रोका जाए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह एक तरह की अघोषित इमरजेंसी है। इसका उद्देश्य राजनीतिक विरोधियों, विचारकों व वक्तों पर नियंत्रण लगाना है। यह निजता केअधिकार का उल्लंघन है। लिहाजा इसे मौलिक अधिकारियों की कसौटी पर मापा जाना चाहिए।
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