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सुप्रीम कोर्ट का आदेशः यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को खाली करना होगा सरकारी बंगला

Mon, 07 May 2018 01:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 07 May 2018 01:00 PM IST
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Supreme Court quashed law passed by UP govt granting residential accommodation to former CMs
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा आदेश दिया है जिससे सरकारी बंगलों में रह रहे पूर्व मुख्यमंत्रियों को झटका लगा है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला आवंटित नहीं किया जाए। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए उस कानून को रद्द कर दिया है जिसमें सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को स्थायी आवासीय आवास देने वाले अध्यादेश को इजाजत दी थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले का अधिकार नहीं होता है। कोर्ट में दाखिल याचिका में अध्यादेश को रद्द किए जाने की मांग की गई थी।

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इस फैसले के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव, राजनाथ सिंह, कल्याण सिंह, रामनरेश यादव, नारायण दत्त तिवारी को सरकारी आवास खाली करने पड़ेंगे। बता दें कि फिलहाल लखनऊ के हजरतजंग में इन तमाम पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास आवंटित हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला लोक प्रहरी नाम की एनजीओ द्वारा दायर याचिका पर दिया है। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाने के साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए संशोधनों को चुनौती दी गई थी।
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मामले में अपना पक्ष रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को कुछ विशेषाधिकार होने चाहिए क्योंकि वो ऊंचे संवैधानिक पद पर होते हैं। उत्तर प्रदेश ने एमिकस क्यूरी और वरिष्ठ एडवोकेट गोपाल सुब्रमण्यम की दलील का विरोध करते हुए कहा था कि पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी बंगले के हकदार हैं। 

सरकार की तरफ से पेश हुए वकील ने अपने लिखित जवाब में जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने कहा था कि संशोधित नियम के तहत पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह का लाभ देना ठीक है क्योंकि उनका एक खास वर्ग होता है। पूर्व मुख्यमंत्री हमेशा ही विशिष्ट व्यक्ति होता है और इसलिए उसे विशेष लाभ पाने का अधिकार है। 

बता दें कि अखिलेश यादव सरकार ने नियमों में परिवर्तन करके पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगले आवंटित करने का प्रावधान किया था जिसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। एमकिस क्यूरी गोपाल सुब्रमण्यम की राय थी कि सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्रियों को ही नहीं, बल्कि पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री को भी सरकारी बंगला नहीं दिया जाना चाहिए।

 

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