फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court on Delhi Air pollution 10 things to know

गैस चैंबर बनी दिल्ली में घुटते दम पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जानिए आदेश से जुड़ी 10 बड़ी बातें

Tue, 05 Nov 2019 07:50 AM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Tue, 05 Nov 2019 07:50 AM IST
विज्ञापन
Supreme Court on Delhi Air pollution 10 things to know
वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू माहौल पर गहरी चिंता जताते हुए सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को अपना रुख बेहद कड़ा किया। जस्टिस अरुण मिश्रा ने मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार समेत अन्य राज्य सरकारों को भी आड़े हाथों लिया।

विज्ञापन


विज्ञापन


अदालत ने माना कि प्रदूषण की वजह से जीने का अधिकार छीना जा रहा है। अदालत ने प्रशासन की जिम्मेदारी तय की है। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की 10 बड़ी बातें:

विज्ञापन
विज्ञापन
  1. दिल्ली का दम हर साल घुट रहा है और हम कुछ नहीं कर रहे हैं। हर साल 10-15 दिनों के लिए ऐसा होता है। सभ्य देश में ऐसा नहीं होता है। जीवन का अधिकार सबसे अहम है। वायु प्रदूषण जीवन के मूलभूत अधिकार का उल्लंघन है। राज्य सरकारें और निकाय संस्था अपनी ड्यूटी निभाने में विफल हुए हैं।
  2. ग्राम प्रधान, स्थानीय अधिकारी और पुलिस में से जो भी पराली जलाने पर रोक नहीं लगा पाएगा, उसे नौकरी से निकाल दिया जाए। पंजाब, हरियाणा और यूपी के मुख्य सचिवों को तलब किया गया है। 
  3. दिल्ली-एनसीआर में निर्माण कार्य करने या तोड़ने वाले पर एक लाख रुपये का जुर्माना। साथ ही कूड़ा जलाने पर 5000 रुपये का जुर्माना हो। खुले में कूड़ा डालने पर भी बैन हो। 
  4. दिल्ली सरकार को शुक्रवार तक आंकड़े पेश कर साबित करना होगा कि ऑड-ईवन से प्रदूषण में कमी आई है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार की खिंचाई करते हुए कहा कि डीजल वाहनों पर बैन समझ में आता है, लेकिन ऑड-ईवन लागू करने के पीछे क्या तर्क है। 
  5. हमारी नाक के नीचे हर साल यह हो रहा है। लोगों को दिल्ली न आने या दिल्ली छोड़ने की सलाह दी जा रही है। राज्य सरकारें इसके लिए जिम्मेदार हैं। हम हर चीज का मजाक बना रहे हैं। इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
  6. हम इस स्थिति में नहीं जी सकते। केंद्र सरकार को कुछ करना चाहिए... दिल्ली सरकार को कुछ करना चाहिए। सिर्फ ऐसा कहने से काम नहीं चलेगा। यह बहुत हो चुका है।
  7. इस शहर में कोई भी कमरा सुरक्षित नहीं है, यहां तक कि हमारे घर भी नहीं। प्रदूषण की वजह से हम अपने जीवन के बहुमूल्य साल गंवा रहे हैं। 
  8. स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, केंद्र और दिल्ली सरकार इस संबंध में क्या करना चाहती है? प्रदूषण कम करने के लिए आप क्या कर रहे हैं? 
  9. जस्टिस अरुण मिश्रा ने दिल्ली सरकार से पूछा कि कारें कम प्रदूषण फैलाती हैं, फिर इस ऑड-ईवन से क्या हासिल होगा?
  10. वायु प्रदूषण के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed