{"_id":"5dae13b68ebc3e93bf3bd838","slug":"supreme-court-notice-to-uttarakhand-government-in-reservation-case-in-promotion","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमोशन में आरक्षण मामले में उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
प्रमोशन में आरक्षण मामले में उत्तराखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
Tue, 22 Oct 2019 01:54 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 22 Oct 2019 01:54 AM IST
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट(फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट ने प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मामले पर उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। इस साल अप्रैल में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 5 सितंबर, 2012 के शासनादेश को निरस्त कर दिया था, जिससे राज्य में आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता साफ हो गया था।
विज्ञापन
जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने सोमवार को कुंवर सिंह मेवाड़ की याचिका पर सरकार के अलावा उस शख्स को भी नोटिस जारी किया है जिसकी याचिका पर हाईकोर्ट ने एक अप्रैल को फैसला दिया था। बता दें कि राज्य सरकार में हाईकोर्ट के आदेश के बाद 11 सितंबर को एक शासनादेश जारी कर कहा था कि उसने हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है और जब तक इस पर फैसला नहीं आ जाता तब तक राज्य में किसी भी तरह का प्रमोशन नहीं होगा।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता मेवाड़ की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रंजीत कुमार व कुमार परिमल ने पीठ से कहा कि उनके मुवक्किल 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लिहाजा इस पर जल्द निपटारा किया जाए। लिहाजा पीठ ने कहा कि सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए 19 नवंबर को इस पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर, 2018 में जरनैल सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रमोशन में आरक्षण पर मुहर लगा दी गई थी और इसी आधार पर आरक्षित वर्ग के एक अधिकारी ने हाईकोर्ट ने 2012 के शासनादेश को चुनौती दी थी।