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सुप्रीम कोर्ट: त्रिपुरा हिंसा मामले की एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र व राज्य को नोटिस

Mon, 29 Nov 2021 09:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव सिन्हा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 29 Nov 2021 09:46 PM IST
सार

याचिकाकर्ता हाशमी का कहना था कि उन्होंने दिल्ली के अन्य वकीलों के साथ राज्य के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया था और एक तथ्य-खोज रिपोर्ट प्रकाशित की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने पीठ के समक्ष कहा कि जिस तरीके से पुलिस मामले की जांच कर रही है, याचिकाकर्ता ने उसे दर्शाया है। 

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Supreme Court: Notice to Center and State on petition seeking SIT probe into Tripura violence case Latest News Update
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्रिपुरा में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच की मांग वाली याचिका पर केंद्र और त्रिपुरा सरकारों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से वकील एहतेशाम हाशमी द्वारा दायर इस याचिका पर केंद्र और त्रिपुरा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने अब इस मामले पर 13 दिसंबर को विचार करने का निर्णय लिया है।

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याचिकाकर्ता हाशमी का कहना था कि उन्होंने दिल्ली के अन्य वकीलों के साथ राज्य के दंगा प्रभावित क्षेत्रों का व्यक्तिगत रूप से दौरा किया था और एक तथ्य-खोज रिपोर्ट प्रकाशित की थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने पीठ के समक्ष कहा कि जिस तरीके से पुलिस मामले की जांच कर रही है, याचिकाकर्ता ने उसे दर्शाया है। 
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उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। इसकी बजाय हिंसा पर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) लगा दिया। वकील ने यह भी कहा कि पुलिस ने 'तथ्य-खोज' रिपोर्ट पेश करने वाले वकीलों को नोटिस भेजा है। याचिका में दावा किया गया है कि संगठित भीड़ द्वारा किए गए कथित घृणा अपराधों में मस्जिदों को नुकसान पहुंचाना, मुसलमानों के स्वामित्व वाले व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जलाना, रैलियां आयोजित करना और नफरत फैलाना शामिल है।

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