{"_id":"5fdbdc759d2a1a35b34855e0","slug":"supreme-court-not-satisfied-with-the-functions-of-the-commission-for-air-quality-management-in-delhi-ncr","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग के कार्यों से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग के कार्यों से संतुष्ट नहीं सुप्रीम कोर्ट
Fri, 18 Dec 2020 04:02 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 18 Dec 2020 04:02 AM IST
विज्ञापन
दिल्ली में वायुप्रदूषण
- फोटो : PTI
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह दिल्ली-एनसीआर और इससे लगते इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा किए गए कार्यों से संतुष्ट नहीं है। केंद्र सरकार ने इस आयोग का गठन वायु प्रदूषण से निपटने के लिए किया था।
विज्ञापन
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यहां तक दिल्ली के लोग भी प्रदूषण के मुद्दे पर आयोग के कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं। हमें नहीं पता कि आपका आयोग क्या कर रहा है। दिल्ली की जनता भी आपके काम से संतुष्ट नहीं है। हम भी संतुष्ट नहीं हैं। पीठ में जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम भी हैं। केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि आयोग प्रदूषण से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है और कई कदम उठाए गए हैं। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ से कहा कि कोर्ट के निर्देशानुसार वे पहले ही विस्तृत हलफनामा दाखिल कर चुके हैं।
विज्ञापन
पीठ ने कहा कि वह आदित्य दुबे द्वारा दायर याचिका पर जनवरी के दूसरे हफ्ते में सुनवाई करेगी। दुबे ने अपनी याचिका में दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली से हो रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया है। पीठ ने सोमवार को केंद्र से वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए आयोग द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा था। केंद्र ने पीठ को जानकारी दी थी कि सरकार एक विस्तृत हलफनामा तैयार कर रहा है जिसे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
विज्ञापन