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SC: मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तार सेंथिल बालाजी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, जमानत याचिका पर सुनवाई से इनकार

Tue, 28 Nov 2023 03:30 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Tue, 28 Nov 2023 03:30 PM IST
सार

शीर्ष अदालत मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर बालाजी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने करीब एक महीने पहले, बीते 19 अक्तूबर को बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। 

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Supreme Court News and Update today, SC refuses to entertain DMK minister Balaji's plea seeking bail on health
supreme court - फोटो : ANI

विस्तार

मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की डीएमके सरकार में मंत्री रहे सेंथिल बालाजी को एक बार फिर झटका लगा है। हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। 

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गौरतलब है, शीर्ष अदालत मद्रास उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ दायर बालाजी की अपील पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने करीब एक महीने पहले, बीते 19 अक्तूबर को बालाजी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय का मानना है कि जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। जमानत की अपील पर संक्षिप्त सुनवाई के दौरान 20 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने बालाजी के वकील को नवीनतम मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।  साथ ही सुनवाई के लिए आज यानी 28 नवंबर की तारीख तय की थी। 
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तमिलनाडु वाले मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील पर न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ में सुनवाई हुई। पीठ ने स्वास्थ्य रिपोर्ट पर गौर करने के बाद कहा कि बालाजी का स्वास्थ्य ठीक है, कुछ गंभीर नहीं है। साथ ही उन्हें नियमित जमानत के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाने की छूट दी।
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पीठ ने कहा कि अंतरिम आदेश में की गई कोई भी टिप्पणी नियमित जमानत याचिका दायर करने में याचिकाकर्ता के आड़े नहीं आएगी।

यह है मामला 
बता दें कि सेंथिल बालाजी को करीब पांच महीने पहले गिरफ्तार किया था। बीते 14 जून को ईडी ने नौकरी के बदले नकदी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बालाजी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय खूब ड्रामा भी हुआ था। बालाजी के रोने की तस्वीरें भी वायरल हुई थीं। गिरफ्तारी के बाद ईडी की गिरफ्त में ही उनका इलाज भी कराया गया। बालाजी पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक शासन के दौरान परिवहन मंत्री भी रह चुके थे।

विदेशी कोर्ट के जजों का स्वागत

आज सुप्रीम कोर्ट में कुछ अन्य देशों के न्यायाधीशों को उपस्थित देखा गया। 



दरअसल, आइवरी कोस्ट, दक्षिण सूडान, कैमरून, बोत्सवाना और घाना सहित कुछ अन्य देशों के न्यायाधीश आज अदालत की कार्यवाही में भाग लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मौजूद थे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में विदेशी कोर्ट के जजों का स्वागत किया।

एनजीटी के एक आदेश पर रोक

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के एक आदेश पर महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर रोक लगा दी है।

शीर्ष अदालत ने उस आदेश पर रोक लगाई है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार को ठोस और तरल कचरे के अनुचित प्रबंधन के लिए पर्यावरण मुआवजे के रूप में 12,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। महाराष्ट्र सरकार ने एनजीटी के सितंबर 2022 के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

अदालती कार्यवाही में गुजराती का इस्तेमाल करने की याचिका खारिज 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें गुजरात में अदालती कार्यवाही में अंग्रेजी के अलावा गुजराती भाषा का उपयोग करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
 
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि वह गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहते हैं। दरअसल, शीर्ष अदालत उच्च न्यायालय के 22 अगस्त के आदेश के खिलाफ रोहित जयंतीलाल पटेल द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसने उनकी जनहित याचिका को 'गलत धारणा' बताते हुए खारिज कर दिया था।

दिल्ली के वर्तमान मुख्य सचिव का कार्यकाल बढ़ाना चाहता है केंद्र

केंद्र सरकार दिल्ली के वर्तमान मुख्य सचिव नरेश कुमार का कार्यकाल बढ़ाना चाहती है। इसके लिए उसने सुप्रीम कोर्ट के सामने अपनी बात रखी है। 
 
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कुमार का सेवा कार्यकाल 30 नवंबर को खत्म हो रहा है। इसे वह आगे बढ़ाना चाहता है। इस पर शीर्ष अदालत ने कहा कि वह कल उसे बताए कि उसके पास कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार है।
 

शीर्ष अदालत ने डब्ल्यूएफआई के चुनाव पर लगी रोक हटाई
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के चुनाव कराने पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटा दिया। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने कहा कि वह यह समझने में विफल रही कि उच्च न्यायालय चुनाव की पूरी प्रक्रिया को शून्य कैसे कर सकता है। 

पीठ ने कहा, 'हरियाणा कुश्ती संघ की रिट याचिका लंबित होने के कारण उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश के जरिये डब्ल्यूएफआई के चुनाव पर रोक लगा दी है। हम यह नहीं समझ पा रहे हैं कि उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव की पूरी प्रक्रिया को शून्य कैसे किया जा सकता है। उचित तरीका यह होता कि चुनाव कराने की अनुमति दी जाती। चुनाव को लंबित रिट याचिका के परिणाम के तहत किया जाता।'

कौशल विकास निगम घोटाला मामला: चंद्रबाबू नायडू को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस 
उच्चतम न्यायालय ने कौशल विकास निगम घोटाला मामले में आंध्र प्रदेश सरकार की याचिका पर तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से जवाब मांगा है। आंध्र प्रदेश सरकार ने चंद्रबाबू नायडू को नियमित जमानत देने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ याचिका दाखिल की थी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति एससी शर्मा की पीठ ने नायडू को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि वह आठ दिसंबर तक सार्वजनिक रैलियों और बैठकों में भाग नहीं लेंगे।

सीजेआई ने कई देशों के मुख्य न्यायाधीशों का किया स्वागत
आइवरी कोस्ट, दक्षिण सूडान और घाना सहित कई देशों के मुख्य न्यायाधीशों ने मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) की अदालत में बैठकर करीब 30 मिनट तक सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही देखी। न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ आज सुबह जैसे ही एकत्रित हुई, न्यायमूर्ति चन्द्रचूड़ ने इन देशों के मुख्य न्यायाधीशों का स्वागत किया। सीजेआई ने कहा, 'बार के सदस्यों, मुझे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए विदेश से आए मुख्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। हम आइवरी कोस्ट, दक्षिण सूडान, किर्गिस्तान, उजबेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कैमरून, बोत्सवाना और घाना से आए अपने सहयोगियों का स्वागत करते हैं।'

कचरा प्रबंधन: सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगाई 
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें महाराष्ट्र सरकार को ठोस और तरल कचरे के अनुचित प्रबंधन के लिए मुआवजे के रूप में 12,000 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था।

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनजीटी के पिछले साल सितंबर के आदेश के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। पीठ में न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा भी शामिल थे। अधिकरण ने अपने आदेश में कहा था कि कचरा प्रबंधन में कमियों के कारण पर्यावरण को हो रहे लगातार नुकसान को दूर करने के लिए एनजीटी कानून की धारा 15 के तहत मुआवजा जरूरी है। 

राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने शीर्ष अदालत को बताया कि एनजीटी ने महाराष्ट्र को 12,000 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा, ध्यान दें... इस बीच, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा जारी महाराष्ट्र सरकार को मुआवजे के तौर पर 12,000 करोड़ रुपये की राशि 'अलग रिंग-फेंस्ड अकाउंट' में जमा कराने के निर्देश पर रोक रहेगी।

आदेश का आंशिक अनुपालन स्वीकार्य नहीं: सुप्रीम कोर्ट
 सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को चेतावनी दी कि उसके आदेश का आंशिक अनुपालन स्वीकार्य नहीं है। उसे रीजनरल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिए वादा मुताबिक पूरा भुगतान करना होगा। शीर्ष अदालत को बताया गया था कि दिल्ली सरकार ने तय धनराशि का एक हिस्सा ही दिया था।

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि आंशिक अनुपालन का कोई सवाल ही नहीं हो सकता, पूर्ण अनुपालन होना चाहिए। जुलाई में दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वचन दिया था कि वह आरआरटीएस परियोजना के लिए बजटीय प्रावधान करेगी। पीठ ने तब कहा था कि अगर पिछले तीन वित्तीय वर्षों में विज्ञापन के लिए 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो निश्चित रूप से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में योगदान दिया जा सकता है।

अदालती कार्यवाही में अतिरिक्त भाषा के रूप में गुजराती के इस्तेमाल की याचिका खारिज
 गुजरात में अदालती कार्यवाही में अंग्रेजी के अलावा गुजराती भाषा के इस्तेमाल करने की मांग वाली याचिका को उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि वह गुजरात उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। शीर्ष अदालत, गुजरात उच्च न्यायालय के 22 अगस्त के आदेश के खिलाफ रोहित जयंतीलाल पटेल द्वारा दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी।

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