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Supreme Court: रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों की निगरानी में होंगे बार काउंसिल के चुनाव, सुप्रीम कोर्ट ने कही अहम बात
Mon, 10 Nov 2025 01:49 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:49 PM IST
सार
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'राज्य बार काउंसिल या बार एसोसिएशन के चुनाव दुनिया के सबसे मुश्किल चुनाव होते हैं।' इसके बाद पीठ ने मनन मिश्रा से कहा कि वे अलग-अलग राज्यों के चुनावों की घोषणा जल्द से जल्द करें।
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सुप्रीम कोर्ट (फाइल तस्वीर)
- फोटो : ANI
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए वे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को नियुक्त कर सकता है। बार काउंसिल चुनावों को निष्पक्ष और मुक्त बनाने के लिए ये पहल हो रही है। सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य बार काउंसिल्स पर विश्वास कमजोर हो रहा है, इसलिए हर राज्य में रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र चुनाव समिति नियुक्त की जाएगी, जो बार काउंसिल के चुनावों की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
बार काउंसिल को चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा करने का निर्देश
वरिष्ठ वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि 'अगर बार काउंसिल के चुनाव कराने के लिए रिटायर्ड जजों को नियुक्त किया जाता है तो इससे बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कोई आपत्ति नहीं है।' जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'राज्य बार काउंसिल या बार एसोसिएशन के चुनाव दुनिया के सबसे मुश्किल चुनाव होते हैं।' इसके बाद पीठ ने मनन मिश्रा से कहा कि वे अलग-अलग राज्यों के चुनावों की घोषणा जल्द से जल्द करें। मिश्रा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों की घोषणा सोमवार को की जाएगी और सात राज्यों की तारीखें इस हफ्ते घोषित कर दी जाएंगी।
ये भी पढ़ें- Terror Attack: अहमदाबाद से केमिकल मिला, फरीदाबाद से 350 किलो विस्फोटक सामग्री; बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़
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'बार काउंसिल को चुनाव प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता'
सुनवाई में पेश हुईं वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है और 9 अक्टूबर को दिल्ली बार काउंसिल ने चुनाव की तारीखें घोषित की थीं, लेकिन 10 अक्टूबर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक नोटिस जारी कर उस संस्था को भंग कर दिया। इस पर पीठ ने दीवान से कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को चुनाव प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, वह सभी बार काउंसिल चुनावों के लिए स्थानीय रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को नियुक्त करेगी।
31 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए 10 दिनों में नोटिफिकेशन जारी करने और 31 दिसंबर तक चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसने BCI को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव भी 31 जनवरी, 2026 तक कराने और वोटर्स की सही और जायज शिकायतों को दूर करने का भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश तब दिए जब यह बताया गया कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जा रही है।
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बार काउंसिल को चुनाव की तारीखों की जल्द घोषणा करने का निर्देश
वरिष्ठ वकील और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि 'अगर बार काउंसिल के चुनाव कराने के लिए रिटायर्ड जजों को नियुक्त किया जाता है तो इससे बार काउंसिल ऑफ इंडिया को कोई आपत्ति नहीं है।' जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, 'राज्य बार काउंसिल या बार एसोसिएशन के चुनाव दुनिया के सबसे मुश्किल चुनाव होते हैं।' इसके बाद पीठ ने मनन मिश्रा से कहा कि वे अलग-अलग राज्यों के चुनावों की घोषणा जल्द से जल्द करें। मिश्रा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों की घोषणा सोमवार को की जाएगी और सात राज्यों की तारीखें इस हफ्ते घोषित कर दी जाएंगी।
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'बार काउंसिल को चुनाव प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता'
सुनवाई में पेश हुईं वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है और 9 अक्टूबर को दिल्ली बार काउंसिल ने चुनाव की तारीखें घोषित की थीं, लेकिन 10 अक्टूबर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक नोटिस जारी कर उस संस्था को भंग कर दिया। इस पर पीठ ने दीवान से कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया को चुनाव प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता है और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए, वह सभी बार काउंसिल चुनावों के लिए स्थानीय रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों को नियुक्त करेगी।
31 अक्टूबर को, सुप्रीम कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए 10 दिनों में नोटिफिकेशन जारी करने और 31 दिसंबर तक चुनाव कराने का निर्देश दिया। इसने BCI को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव भी 31 जनवरी, 2026 तक कराने और वोटर्स की सही और जायज शिकायतों को दूर करने का भी निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने ये निर्देश तब दिए जब यह बताया गया कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों के लिए नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है और उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची वेबसाइट पर अपलोड नहीं की जा रही है।
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