Supreme Court: एनडीपीएस मामले में आरोपी को कोर्ट ने दी जमानत, मेडिकल आधार पर दिया फैसला
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता को वेंटिलेटर पर रखा गया है और जेल अस्पताल में उनके इलाज के लिए कोई उचित चिकित्सा सुविधा नहीं है, हम याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत पर रिहा करने के इच्छुक हैं।
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पीठ ने कहा कि चार हफ्तों में वापसी योग्य नोटिस जारी करें। याचिकाकर्ता की चिकित्सा स्थिति को देखते हुए क्योंकि उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है और जेल अस्पताल में उनके इलाज के लिए कोई उचित चिकित्सा सुविधा नहीं है, हम याचिकाकर्ता को अंतरिम जमानत पर रिहा करने के इच्छुक हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा कि आरोपी को ऐसे नियमों और शर्तों पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है, जो निचली अदालत उचित और उचित समझे। आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता नमित सक्सेना ने कहा कि आरोपी 10 किलो गांजा रखने के लिए नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत आरोपों का सामना कर रहा है। उन्होंने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की तबीयत बिगड़ गई है और वह फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर है।
दवाओं का स्टोरेज करने की आरोपी डॉक्टर को मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत
सुप्रीम कोर्ट ने बिक्री के लिए दवाओं का भंडारण करने की आरोपी महिला चिकित्सक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा बुधवार को खारिज कर दिया। इस दौरान अदालत ने कहा कि जब्त की गयी दवा की मात्रा बेदह कम है। इतनी मात्रा में दवाएं किसी भी चिकित्सक के घर या उसके परामर्श कक्ष में आसानी से पाई जा सकती हैं। ऐसे में महज कल्पना के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि बिक्री के लिए इनका भंडारण किया गया होगा। इनमें से ज्यादातर दवाएं लोशन और मरहम के रूप में थी।
न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही थी। पीठ ने मद्रास उच्च न्यायलय के जून 2022 के आदेश के खिलाफ चिकित्सक की याचिका पर अपना फैसला दिया। उच्च न्यायालय ने आपराधिक मुकदमा रद्द करने का अनुरोध करने वाली चिकित्सक की याचिका खारिज कर दी थी। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता एक वरिष्ठ चिकित्सक हैं जो चेन्नई में एक सरकारी चिकित्सा कॉलेज में त्वचा विज्ञान विभाग के प्रमुख और सहायक प्रोफेसर हैं।