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तपती गर्मी में ड्राइवर का ट्रक रोक नहाने के लिए नहर में जाना नियोजन का हिस्सा: सुप्रीम कोर्ट

Wed, 11 Mar 2020 09:42 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Wed, 11 Mar 2020 09:42 PM IST
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supreme court gives decision over truck driver death during summer
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तपती गर्मी में वाहन से उतरकर नहाने के लिए ड्राइवर का नहर के पास जाना रोजगार (नियोजन) का हिस्सा है। शीर्ष अदालत ने राष्ट्रीय नियोजन थ्योरी का दायरा बढ़ाते हुए उस ट्रक ड्राइवर के परिवारवालों को मुआवजा देने का आदेश दिया है जो 42 डिग्री तापमान में नहाने और ट्रक को ठंडा करने के इरादे से नहर से पानी लाने गया था जहां उसकी डूबकर मौत हो गई थी। 
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जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने अपने एक फैसले में कहा कि भीषण गर्मी में वाहन रोककर नहाने के इरादे से नहर में जाना नियोजन का हिस्सा है। ऐसे में पीड़ित पक्ष को कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत राहत देने से इनकार नहीं किया जा सकता। पीठ ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को दरकिनार कर दिया है जिसमें बीमा कंपनी की उस दलील को स्वीकार कर लिया गया था कि ड्राइवर की मौत नियोजन के दौरान हुई लेकिन उसका कृत्य नियोजन का हिस्सा नहीं है। पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को दरकिनार करते हुए कामगार क्षतिपूर्ति आयुक्त द्वारा पीड़ित परिवार द्वारा तय किए गए 4.45 लाख रुपये मुआवजे को सही ठहराया है। 
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पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अगर ट्रक ड्राइवर जून की तपती दोपहर में खुद को फ्रेश न रखे तो उससे सड़क पर दूसरे लोगों के लिए खतरा हो सकता है। पीठ ने कहा कि इस मामले में ड्राइवर का हर कृत्य खुद व वाहन को सुरक्षित रखने के लिए इरादे से किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 समाज के हित को ध्यान में रखते हुए बनाया गया कानून है। पीठ ने कहा कि अधिनियम के प्रावधानों की इस तरह से व्याख्या की जानी चाहिए कि कानून व्यर्थ न लगे। 
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ये था मामला 

ड्राइवर अपने नियोक्ता के काम से 11 जून 2003 को ट्रक लेकर अंबाला से मेरठ जा रहा था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे वह फतेहपुर के पास यमुना नहर के नजदीक पहुंचा। वहां पानी लाने और नहाने के लिए उसके ट्रक को रोका। नहर के किनारे पर वह फिसल गया जहां डृबकर उसकी मौत हो गई। 


कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि तपती गर्मी में ड्राइवर का ट्रक चलाना नियोजन का हिस्सा है। पीठ ने यह भी कहा कि ट्रक का केबिन वातानुकूलित नहीं था और दोपहर को केबिन तप रहा होगा। ऐसे में ड्राइवर के लिए खुद को फ्रेश रखना और ट्रक को गर्मी से बचाना सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
 
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