{"_id":"57ad8df94f1c1b8b55ee43a7","slug":"supreme-court-fines-transport-ministry-for-not-filing-response","type":"story","status":"publish","title_hn":"जवाबी हलफनामा दाखिल न करने पर SC ने केंद्र पर 25,000 का जुर्माना लगाया","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
जवाबी हलफनामा दाखिल न करने पर SC ने केंद्र पर 25,000 का जुर्माना लगाया
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:22 PM IST
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- फोटो : PTI
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सुप्रीम कोर्ट ने एक सवाल का जवाब न देने पर ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। सुप्रीम कोर्ट ने लगातर हो रहे सड़क हादसों पर मंत्रालय से पूछे गए सवाल का जवाब मांगा था। इसी सवाल का जवाब न देने वजह से शीर्ष कोर्ट ने ट्रांसपोर्ट मंत्रालय पर यह जुर्माना लगाया है।
केंद्र सरकार को लताड़ लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्य वादी है लेकिन वह बेहतर काम न करने का आरोप कोर्ट पर लगाती है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या केंद्र सरकार पंचायती तरीके पर काम करती है। चीफ जस्टिस का कहना था कि केंद्र ने एक साल पहले पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया।
शीर्ष कोर्ट ने कहा, 'आपने एक साल तक जवाबी हलफनामा नहीं दायर किया, क्या यहां पंचायत चल रही है?'
सुप्रीम कोर्ट के इस बयान के बाद अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार की ओर से उपयुक्त जवाब का भरोसा दिया। रोहतगी ने कोर्ट को तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का आश्वासन दिया।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न इलाकों में बढ़ते सड़क हादसों और बुनियादी सुविधाओं के ध्वस्त होने पर सवाल किया था।
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केंद्र सरकार को लताड़ लगाते हुए मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार मुख्य वादी है लेकिन वह बेहतर काम न करने का आरोप कोर्ट पर लगाती है। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या केंद्र सरकार पंचायती तरीके पर काम करती है। चीफ जस्टिस का कहना था कि केंद्र ने एक साल पहले पूछे गए सवाल का जवाब नहीं दिया।
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शीर्ष कोर्ट ने कहा, 'आपने एक साल तक जवाबी हलफनामा नहीं दायर किया, क्या यहां पंचायत चल रही है?'
सुप्रीम कोर्ट के इस बयान के बाद अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सरकार की ओर से उपयुक्त जवाब का भरोसा दिया। रोहतगी ने कोर्ट को तीन हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने का आश्वासन दिया।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न इलाकों में बढ़ते सड़क हादसों और बुनियादी सुविधाओं के ध्वस्त होने पर सवाल किया था।