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सुप्रीम कोर्ट ने कहा: अपराधियों और हत्यारों का अड्डा बन गई है तिहाड़ जेल, कैद में हो रहीं हत्याएं

Wed, 10 Nov 2021 10:14 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 10 Nov 2021 10:14 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ जेल के हालात को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना की सिफारिशों पर कार्रवाई में देरी पर नाराजगी जताई है और गृह मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी है। मामले में अब तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

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Supreme Court expressed concern over situation in Tihar Prison asked Home Ministry to take strict action
सर्वोच्च न्यायालय - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तिहाड़ जेल के हालात पर चिंता जताई और कहा कि यह अपराधियों और हत्यारों का अड्डा बन गई है। कैद में हत्याएं हो रही हैं। आपको (गृह मंत्रालय) कार्रवाई करने की जरूरत है और भविष्य में कुछ होने का इंतजार नहीं करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने इस पर गृह मंत्रालय को तत्काल कदम उठाने को कहा।

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शीर्ष अदालत ने इसके साथ ही दिल्ली पुलिस के आयुक्त राकेश अस्थाना की सिफारिशों पर सुधार के लिए कार्य योजना और कार्रवाई रिपोर्ट अब तक न सौंपे जाने पर गृह मंत्रालय के खिलाफ नाराजगी जताई।
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तिहाड़ जेल के कुछ अधिकारियों द्वारा यूनिटेक के पूर्व प्रमोटरों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को अनुचित सहायता देने के बाद शीर्ष ने अस्थाना को रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था। 
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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा, गृह मंत्रालय कब कार्रवाई करेगा? तत्काल सुधार की आवश्यकता है। जैमर और बॉडी स्कैनर की जरूरत है जिससे कि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोबाइल फोन का कोई अनधिकृत उपयोग तिहाड़ जेल परिसर में न हो।

पीठ ने दोहराया कि दिल्ली पुलिस प्रमुख की कई सिफारिशों के बावजूद कोई कदम प्रस्तावित नहीं किया गया है। शीर्ष अदालत अब तीन हफ्ते बाद मामले पर सुनवाई करेगी। 

गौरतलब है कि छह अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट ने तिहाड़ जेल के उन अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने और आपराधिक जांच का निर्देश दिया था जिन्होंने यूनिटेक के पूर्व प्रमोटरों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा को जेल में रहने के दौरान अनुचित सहायता प्रदान की थी। इससे पहले 26 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने चंद्रा बंधुओं को तिहाड़ जेल से मुंबई जेल शिफ्ट करने का आदेश दिया था।

37 आरोपियों में 32 जेल अधिकारी, चंद्रा बंधु और उनके कर्मचारी

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश हुए नटराज ने पीठ को बताया कि 12 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई थी और कुल 37 आरोपी हैं। जिनमें 32 जेल अधिकारी, चंद्रा परिवार के सदस्य और दो कर्मचारी शामिल हैं। जब नटराज ने कहा कि तिहाड़ जेल, दिल्ली पुलिस के अंतर्गत नहीं है तब पीठ ने पूछा कि तिहाड़ जेल किसके अंतर्गत आता है। गृह मंत्रालय या दिल्ली पुलिस? 

मामले में एक वकील ने पीठ को बताया कि तिहाड़ जेल दिल्ली सरकार के अधीन है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने नटराज से कहा कि दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा की गई सिफारिशें बहुत महत्वपूर्ण हैं और अदालत चाहती है कि गृह मंत्रालय उन्हें लागू करने के लिए कदम उठाए। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नटराज ने शीर्ष अदालत को बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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