ऑनलाइन आरटीआई में देरी पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, केंद्र व राज्य सरकारों से चार हफ्तों में मांगा जवाब
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ऑनलाइन आरटीआई आवेदन के लिए तैयार किए जाने वाले पोर्टल में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को केंद्र व 25 राज्य सरकारों से चार हफ्तों के भीतर मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
आरटीआई पोर्टल के तैयार होने से लोगों को कार्यालयों में जाकर आवेदन नहीं करना पड़ेगा। वे ऑनलाइन जानकारी हासिल करने के लिए आवेदन कर सकते हैं। जस्टिस एन.वी.रमन्ना, संजीव खन्ना और कृष्णा मुरारी की पीठ ने नाराजगी जाहिर की। पीठ ने 26 अगस्त को केंद्र व राज्य सरकारों को नोटिस जारी किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शीर्ष अदालत ने हालांकि उन्हें चार हफ्तों का अतिरिक्त समय दिया, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि इस मामले में अब कोई समय दिया जाएगा।
एनजीओ की याचिका पर सुनवाई
दिल्ली के एनजीओ 'प्रवासी लीगल सेल' की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है। याचिका में कहा गया था कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) एक्ट एक शक्तिशाली हथियार है। इसका उचित लक्ष्य तभी हासिल हो सकता है, जब समय पर जानकारी हासिल हो। याचिका में यह भी कहा गया है कि आनलाइन आरटीआई पोर्टल बनने से न सिर्फ भारतीय बल्कि एनआरआई भी संबंधित मंत्रालयों से सूचना मांग सकते हैं।
2013 से लटका है मामला
याचिका में बताया गया है कि दिसंबर 2013 में केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से आनलाइन आरटीआई व्यवस्था को लागू करने की स्थिति को पता करने को कहा था। मगर महाराष्ट्र और दिल्ली ने ही अभी तक पोर्टल स्थापित किया है।