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प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा क्यों नहीं चलाते
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 26 Nov 2018 09:45 PM IST
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दिल्ली प्रदूषण
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर में खराब होती वायु की गुणवत्ता को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्थानीय एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से प्रदूषण से जुड़ी करीब 250 शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करने वाले लापरवाह अधिकारियों पर मुकदमा चलाने को कहा है।
जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने सीपीसीबी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से कहा, ‘क्यों नहीं आप ऐसे अधिकारियों पर मुकदमा नहीं चलाते। आपको ऐसा करना चाहिए क्योंकि उन्हें भी तो पता चलना चाहिए कि उन्होंने क्या किया है।’ कोर्ट की टिप्पणी पर नाडकर्णी ने कहा कि सीपीसीबी इसको लेकर कदम उठाएगा।
इससे पहले नाडकर्णी ने कोर्ट को बताया कि इस वर्ष 1 से 22 नवंबर के बीच सीपीसीबी को सोशल मीडिया के माध्यम से वायु प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन की 749 की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 500 पर कार्रवाई की गई। बाकी लंबित हैं क्योंकि स्थानीय एजेंसियों को इन पर कार्रवाई करनी है।
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इससे पहले, 1 नवंबर को हुई सुनवाई में सीपीसीबी ने शीर्ष अदालत को बताया था कि उसने ट्विटर और फेसबुक पर अकाउंट बनाए हैं, जिन पर नागरिक राजधानी में प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।
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जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने सीपीसीबी की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एएनएस नाडकर्णी से कहा, ‘क्यों नहीं आप ऐसे अधिकारियों पर मुकदमा नहीं चलाते। आपको ऐसा करना चाहिए क्योंकि उन्हें भी तो पता चलना चाहिए कि उन्होंने क्या किया है।’ कोर्ट की टिप्पणी पर नाडकर्णी ने कहा कि सीपीसीबी इसको लेकर कदम उठाएगा।
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इससे पहले नाडकर्णी ने कोर्ट को बताया कि इस वर्ष 1 से 22 नवंबर के बीच सीपीसीबी को सोशल मीडिया के माध्यम से वायु प्रदूषण के नियमों के उल्लंघन की 749 की शिकायतें मिलीं, जिनमें से 500 पर कार्रवाई की गई। बाकी लंबित हैं क्योंकि स्थानीय एजेंसियों को इन पर कार्रवाई करनी है।
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इससे पहले, 1 नवंबर को हुई सुनवाई में सीपीसीबी ने शीर्ष अदालत को बताया था कि उसने ट्विटर और फेसबुक पर अकाउंट बनाए हैं, जिन पर नागरिक राजधानी में प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।