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Supreme Court: SC कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के लिए चार जजों की सिफारिश की, जानें क्या हैं उनके नाम

Wed, 22 Mar 2023 08:20 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 22 Mar 2023 08:20 PM IST
सार

कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता हरप्रीत सिंह बराड़ की नियुक्ति के लिए 25 जुलाई 2022 की अपनी पहले की सिफारिश को दोहराया है।

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Supreme Court Collegium recommends names of 4 district judges for appointment as Madras High court judges
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए चार जिला न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की है। इनमें आर शक्तिवेल, पी धनबल, चिन्नासामी कुम्परप्पन और के. राजशेखर (सभी न्यायिक अधिकारी) के नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम में जस्टिस संजय किशन कौल और केएम जोसेफ भी शामिल हैं।

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21 मार्च के प्रस्ताव में कहा गया है कि मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में चार न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के लिए 10 अगस्त, 2022 को उच्च न्यायालय कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश पर मुख्यमंत्री और तमिलनाडु के राज्यपाल की सहमति है। यह फाइल न्याय विभाग से 5 जनवरी, 2023 को प्राप्त हुई थी।
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एक अन्य प्रस्ताव में, कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता हरप्रीत सिंह बराड़ की नियुक्ति के लिए 25 जुलाई 2022 की अपनी पहले की सिफारिश को दोहराया है।
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जजों के लिए सुझाए नाम पर फैसले में देरी से वरिष्ठता कम होना गंभीर मसला
उच्च न्यायपालिका में जजों की नियुक्ति के लिए अनुशंसित नामों पर केंद्र की ओर से निर्णय में देरी या अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि इससे अभ्यर्थियों की वरिष्ठता प्रभावित होती है। कॉलेजियम ने सरकार से कहा है कि जिन अभ्यर्थियों के नामों की सिफारिश पहले की जाती है, उनकी पदोन्नति के लिए ‘आवश्यक कार्रवाई’ करे। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की कॉलेजियम ने कहा, पूर्व में अनुशंसित व्यक्तियों की पदोन्नति के लिए अधिसूचना जल्द से जल्द जारी की जानी चाहिए।

वरिष्ठता बिगड़ने का उदाहरण दिया
कॉलेजियम ने कहा, 17 जनवरी, 2023 के अपने प्रस्ताव के जरिये सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकील रामास्वामी नीलकंदन को हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी। 31 मार्च, 2023 को नीलकंदन 48.07 वर्ष के हो जाएंगे। उसी दिन राजशेखर की उम्र 47.09 वर्ष हो जाएगी। नीलकंदन, जो बार के सदस्य हैं, की सिफारिश पहले की जा चुकी है और राजशेखर की नियुक्ति से पहले उन्हें नियुक्त किया जाना चाहिए। अन्यथा, राजशेखर जो एक न्यायिक अधिकारी हैं और नीलकंदन से छोटे हैं, रैंक में नीलकंदन से वरिष्ठ हो जाएंगे। वरिष्ठता में इस तरह की गड़बड़ी अनुचित और स्थापित परिपाटी के खिलाफ होगा।


वकील सत्यन के मामले का जिक्र : कॉलेजियम के प्रस्ताव में वकील जॉन सत्यन के मामले का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है जिनके नाम को केंद्र की ओर से मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए मंजूरी नहीं दी गई है।

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