{"_id":"624794aaffc1d459c86aa8b8","slug":"supreme-court-cannot-take-honor-killing-case-lightly-seeks-reply-from-up-government-in-related-matter","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट ने कहा : भूसे से अनाज अलग करना होगा, ऑनर किलिंग हल्के में नहीं ले सकते, यूपी सरकार से जवाब मांगा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट ने कहा : भूसे से अनाज अलग करना होगा, ऑनर किलिंग हल्के में नहीं ले सकते, यूपी सरकार से जवाब मांगा
Sat, 02 Apr 2022 05:41 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 02 Apr 2022 05:41 AM IST
सार
शीर्ष कोर्ट की पीठ ने कहा कि इस मामले में उसे ‘भूसे से अनाज अलग’ करना होगा। यह ऑनर किलिंग का मामला है और हम हल्के में नहीं ले सकते। पीठ ने हालांकि कहा, क्या हमें इस याचिका पर केवल इस आधार पर विचार करना चाहिए कि संबंधित शख्स ने शादी का विरोध किया था। कोई विशेष आरोप नहीं हैं। एफआईआर में यह नहीं कहा गया है कि वह घटना के वक्त वहां मौजूद था या नहीं।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ani
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह ऑनर किलिंग मामले को हल्के में नहीं ले सकता। उसने एक महिला द्वारा चाचा की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। चाचा ने अंतरजातीय विवाह पर पिछले साल महिला के पति की हत्या की कथित तौर पर साजिश रची थी।
विज्ञापन
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने इस मामले में राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी करने से पहले याचिकाकर्ता दीप्ति मिश्रा की ओर से पेश वकील एमएस आर्य से कड़े सवाल किए। 24 जुलाई 2021 को दीप्ति के पति व गोरखपुर जिले के उरवा ब्लॉक में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी अनीश कुमार की हत्या कर दी गई थी।
विज्ञापन
पीठ का मानना था कि प्राथमिकी में दीप्ति के चाचा के खिलाफ खासतौर पर कोई विशेष आरोप नहीं थे। प्राथमिकी में केवल यह कहा गया था कि चाचा ने शादी का विरोध किया था। वकील ने कहा, दीप्ति मिश्रा के चाचा मणिकांत मिश्रा और दो बेटे मारपीट में शामिल थे और पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में मृतक (महिला का पति) द्वारा कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
विज्ञापन
महिला ने याचिका में कहा है कि यह मामला ऑनर किलिंग से संबंधित है, जिसमें उसके पति को उसके रिश्तेदारों ने केवल इसलिए मार डाला था कि वह धोबी जाति का था और उसकी शादी एक ब्राह्मण लड़की से हुई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले साल 17 दिसंबर को मणिकांत मिश्रा को जमानत दी थी।
भूसे से अनाज अलग करना होगा..
पीठ ने कहा, यह ऑनर किलिंग का मामला है और हम इसे हल्के में नहीं ले सकते। पीठ ने हालांकि कहा, क्या हमें इस याचिका पर केवल इस आधार पर विचार करना चाहिए कि मणिकांत मिश्रा ने शादी का विरोध किया था। कोई विशेष आरोप नहीं हैं। एफआईआर में यह नहीं कहा गया है कि वह घटना के वक्त वहां मौजूद था या नहीं। पीठ ने कहा कि इस मामले में उसे ‘भूसे से अनाज अलग’ करना होगा।