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सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: सेना में 72 महिला अधिकारियों के स्थायी कमीशन का मुद्दा सुलझाए केंद्र सरकार

Fri, 08 Oct 2021 10:31 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 08 Oct 2021 10:31 PM IST
सार

भारतीय सेना की 72 महिला अधिकारियों के परमानेंट कमीशन दिए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह विवाद सुलझाने का निर्देश दिया है।

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Supreme Court asks Centre to resolve Permanent Commission issue regarding 72 women officers in Army
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से कहा कि भारतीय सेना में 72 महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाए। शीर्ष अदालत ने कहा कि परमानेंट कमीशन का अनुदान इस वर्ष 25 मार्च के आदेश के संबंध में होना चाहिए और उसके बाद महिला अधिकारियों की ओर से दायर अवमानना मामले को बंद कर दिया जाएगा।

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न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और बीवी नागरत्न की पीठ ने अतिरिक्स सॉलिसिटर जनरल संजय जैन और वरिष्ठ अधिवक्ता आर बालासुब्रमण्यम से कहा कि कि इस मामले में निजी तौर पर दखल दें। अदालत ने कहा कि हमारा आदेश साफ था कि अगर महिला अधिकारी को 60 फीसदी से अधिक अंक मिलते हैं और वो मेडिकल फिटनेस जांच पास कर लेती हैं और विजिलेंस और डिसिप्लनरी से उन्हें क्लीयरेंस मिल जाता है जो उन्हें परमानेंट कमीशन देने पर विचार करने की जरूरत है। 
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सतीश जैन ने अदालत को बताया कि उन्होंने इस संबंध में एक हलफनामा दायर किया है जो दिखाता है कि उनके आचरण पर विशेष चयन बोर्ड ने विचार किया था और उन्हें स्थायी कमीशन के लिए योग्य नहीं पाया था। पीठ ने कहा कि हमने यह भी कहा है कि परमानेंट कमीशन का अनुदान विजिलेंस और डिसिप्लिनरी क्लीयरेंस के आधार पर दिया जाएगा। यह भारतीय सेना का मुद्दा है। पीठ ने आगे कहा कि हम विजिलेंस क्लीयरेंस की अहमियत जानते हैं। हम भी इस देश के सैनिक हैं।
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इसके बाद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने प्रस्ताव दिया कि अतिरिक्त हलफनामे दाखिल करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाना चाहिए। पीठ ने पूछा है कि क्या इन 72 महिला अधिकारियों को 60 फीसदी से अधिक नंबर मिले हैं या नहीं।

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