फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Supreme Court appointed panel member Anil Ghanwat writes to CJI NV Ramana urging early release of report on farm laws

अनिल घनवट का सीजेआई को पत्र: सार्वजनिक की जाए कृषि कानूनों पर रिपोर्ट, सिफारिशों से होगा किसानों को लाभ

Tue, 23 Nov 2021 04:03 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Tue, 23 Nov 2021 04:03 PM IST
सार

केंद्र सरकार की ओर से लाए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त पैनल के सदस्यों में से एक ने पैनल की रिपोर्ट के जल्द से जल्द सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि कानून वापस लेने के फैसले से रिपोर्ट का भले ही कोई महत्व न रह गया हो लेकिन इसकी सिफारिशें काफी अहम हैं। 

विज्ञापन
Supreme Court appointed panel member Anil Ghanwat writes to CJI NV Ramana urging early release of report on farm laws
अनिल घनवट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कृषि कानूनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए पैनल के सदस्यों में से एक अनिल घनवट ने मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में घनवट ने अनुरोध किया है कि तीन कृषि कानूनों पर रिपोर्ट को जल्द से जल्द जारी करने पर विचार करें या फिर अधिकृत समिति को ऐसा करने का निर्देश दें। 

विज्ञापन


अपने इस पत्र में उन्होंने लिखा कि केंद्र सरकार की ओर से संसद के आगामी शीत सत्र में इन तीनों कानूनों को वापस लेने का फैसला किया गया है तो अब इस रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है। लेकिन, इस रिपोर्ट में जो सिफारिशें दी गई हैं वह बड़े सार्वजनिक हित की हैं। यह रिपोर्ट उन किसानों को सही राह दिखा सकती है जिन्हें कुछ नेताओं ने गुमराह किया है।
विज्ञापन


घनवट ने कहा कि हम कृषि सुधारों की मांग के साथ अगले कुछ महीनों में एक लाख किसानों को लेकर दिल्ली पहुंचेंगे। घनवट शेतकारी संगठन के वरिष्ठ नेता भी हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों पर तीन सदस्यीय पैनल ने अपनी रिपोर्ट 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के पास जमा कर दी थी। लेकिन अब तक इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण: घनवट

एक दिन पहले ही घनवट ने केंद्र सरकार की ओर से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया था। उन्होंने सोमवार को कहा था कि किसान 40 सालों से कृषि सुधारों की मांग कर रहे थे। कानून वापस लेना अच्छा कदम नहीं है। घनवट ने कहा था कि मौजूदा कृषि प्रणाली उचित और पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने कहा था कि मैं सोचता हूं कि इस सरकार में कृषि सुधारों को लेकर इच्छाशक्ति है। इससे पहले की सरकारों में इस लेकर राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। मैं उम्मीद करता हूं कि तीनों कृषि कानूनों पर विचार के लिए सभी राज्यों के विपक्षी और किसान नेताओं को शामिल करते हुए एक और समिति का गठन किया जाएगा।

समिति ने तीनों कानूनों का अध्ययन करने व उससे संबंधित पक्षकारों से परामर्श के बाद 19 मार्च को अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी। घनवट ने एक सितंबर को भी मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वे इसे जनता के बीच जारी करें, इसकी सिफारिशों से किसान आंदोलन खत्म कराने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed