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SC: अल्पसंख्यकों की पहचान के संबंध में छह राज्यों के राय नहीं देने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, कही यह बात

Tue, 17 Jan 2023 06:41 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 17 Jan 2023 06:41 PM IST
सार

राज्य स्तर पर अल्पसंख्यकों की पहचान के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कार्य मंत्रालय द्वारा दायर हालिया स्थिति रिपोर्ट का हवाला दिया। इसमें कहा गया है कि 24 राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने अब तक इस संबंध में अपनी टिप्पणी दी है।

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Supreme Court angry over not giving opinion of six states regarding identity of minorities said this Update
सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य स्तर पर अल्पसंख्यकों की पहचान के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर सहित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा केंद्र को अपनी राय नहीं देने पर मंगलवार को नाराजगी जताई। जस्टिस एसके कौल, न्यायमूर्ति एएस ओका और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने कहा कि वह यह नहीं समझ पा रही है कि इन राज्यों ने अपना जवाब क्यों नहीं दिया। हम केंद्र सरकार को उनकी प्रतिक्रिया लेने का अंतिम अवसर देते हैं, ऐसा नहीं होने पर हम मान लेंगे कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

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केंद्र की ओर से पेश अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कार्य मंत्रालय द्वारा दायर हालिया स्थिति रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि 24 राज्यों और छह केंद्रशासित प्रदेशों ने अब तक इस संबंध में अपनी टिप्पणी दी है। पिछले हफ्ते सर्वोच्च कोर्ट में दायर स्थिति रिपोर्ट में कहा गया है कि अरुणाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, लक्षद्वीप, राजस्थान और तेलंगाना से अभी तक जवाब नहीं मिला है।
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जब वेंकटरमणी ने पीठ से कहा कि छह राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अभी तक इस मुद्दे पर अपनी राय नहीं दी है, तो पीठ ने कहा कि वे लंबे समय तक ऐसा नहीं कर सकते और यह मान लिया जाएगा कि वे जवाब नहीं देना चाहते हैं।
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एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं। पीठ ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों का शासन केंद्र द्वारा संचालित है। इस मामले के याचिकाकर्ताओं में से एक अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मामला है। पीठ ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 मार्च की तारीख तय की है।

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