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Supreme Court: आरे कॉलोनी मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, MMRCL को प्राधिकरण के सामने अर्जी देने की मंजूरी दी
Tue, 29 Nov 2022 04:41 PM IST
Jeet Kumar
एएनआई, दिल्ली
एएनआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 29 Nov 2022 04:41 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट।
- फोटो : ANI
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सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की आरे कॉलोनी में मेट्रो कार शेड परियोजना के लिए 84 पेड़ों के काटे जाने के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRCL) को वृक्ष प्राधिकरण के सामने अर्जी देने की मंजूरी दी।
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यह महत्वपूर्ण आदेश एमएमआरसीएल को अपने निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए वृक्ष प्राधिकरण से 84 पेड़ों की कटाई की मांग करने में सक्षम करेगा, जो पिछले कुछ समय से रुका हुआ है और मुंबई मेट्रो के अनुसार, परियोजना लागत 23,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,000 करोड़ रुपये हो गई है।
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मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा की पीठ ने कहा कि एमएमआरसीएल को 84 पेड़ों की कटाई के लिए वृक्ष प्राधिकरण के समक्ष अपने आवेदन को आगे बढ़ाने की अनुमति दी जानी चाहिए। वृक्ष प्राधिकरण को स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने दें।
पेड़ न काटने के दिए थे निर्देश
पांच अगस्त को मुंबई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमएमआरसीएल) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि अक्तूबर 2019 के बाद आरे कॉलोनी में कोई पेड़ नहीं काटा गया है। कोर्ट ने 24 अगस्त को एमएमआरसीएल को पेड़ न काटने के निर्देश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर निर्देश का उल्लंघन किया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छात्र ने पेड़ों की कटाई रोकने का किया था अनुरोध
विधि के एक छात्र ने 2019 में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से आरे कॉलोनी में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने का अनुरोध किया था। छात्र के पत्र का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने उसे याचिका में बदल दिया था।