{"_id":"5f40493a1143b9318348fd61","slug":"supreme-court-allow-to-open-three-jain-temples-in-mumbai-for-devotees-today-and-tomorrow","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई में तीन जैन मंदिर आज और कल भक्तों के लिए खुलेंगे, एक बार में सिर्फ पांच भक्तों को मिलेगा प्रवेश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुंबई में तीन जैन मंदिर आज और कल भक्तों के लिए खुलेंगे, एक बार में सिर्फ पांच भक्तों को मिलेगा प्रवेश
Sat, 22 Aug 2020 03:52 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 22 Aug 2020 03:52 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के दादर, बायकुला और चेंबूर के तीन जैन मंदिरों को 22 और 23 अगस्त को जैन समुदाय के पर्युषण पर्व के लिए खोलने की अनुमति दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने केवल दो दिन के लिए मंदिरों को खोलने की अनुमति देते हुए साफ तौर पर कहा कि यह आदेश किसी अन्य मंदिर या गणेश चतुर्थी समारोह के लिए नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि कितनी अजीब बात है कि महाराष्ट्र सरकार आर्थिक गतिविधियों की अनुमति देने के लिए तैयार है, लेकिन धार्मिक मामलों में वह कोरोना का हवाला देते हुए कार्यक्रम की इजाजत नहीं देती। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मुंबई के इन तीनों जैन मंदिरों में केंद्र सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सीमित संख्या में भक्तों को प्रवेश और प्रार्थना की अनुमति दी है।
विज्ञापन
एक बार में सिर्फ 5 भक्तों और एक दिन में अधिकतम 250 श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी। पीठ ने कहा कि यह आदेश केवल इसी मामले तक सीमित है। दूसरे पर्व त्योहारों, खासकर भारी संख्या में भीड़ जुटने वाले गणेश उत्सव जैसे पर्वों के लिए यह आदेश मान्य नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को गणपति महोत्सव के लिए केस दर केस अनुमति लेनी होगी।
इससे पहले याचिकाकर्ता ट्रस्ट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि पर्युषण पर्व जैन समुदाय के लिए बहुत पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में भक्तों को मंदिरों में प्रवेश की इजाजत दी जाए। वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोरोना महामारी के इस दौर में मंदिरों में प्रवेश की अनुमति देने की मांग का विरोध किया। पीठ ने कहा कि जब हम जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति दे सकते हैं, तो दिशानिर्देशों के साथ दूसरे महोत्सव की इजाजत क्यों नहीं दे सकते।
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि कितनी अजीब बात है कि महाराष्ट्र सरकार आर्थिक गतिविधियों की अनुमति देने के लिए तैयार है, लेकिन धार्मिक मामलों में वह कोरोना का हवाला देते हुए कार्यक्रम की इजाजत नहीं देती। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मुंबई के इन तीनों जैन मंदिरों में केंद्र सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत सीमित संख्या में भक्तों को प्रवेश और प्रार्थना की अनुमति दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक बार में सिर्फ 5 भक्तों और एक दिन में अधिकतम 250 श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति होगी। पीठ ने कहा कि यह आदेश केवल इसी मामले तक सीमित है। दूसरे पर्व त्योहारों, खासकर भारी संख्या में भीड़ जुटने वाले गणेश उत्सव जैसे पर्वों के लिए यह आदेश मान्य नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को गणपति महोत्सव के लिए केस दर केस अनुमति लेनी होगी।
इससे पहले याचिकाकर्ता ट्रस्ट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि पर्युषण पर्व जैन समुदाय के लिए बहुत पावन पर्व है। उन्होंने कहा कि सीमित संख्या में भक्तों को मंदिरों में प्रवेश की इजाजत दी जाए। वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोरोना महामारी के इस दौर में मंदिरों में प्रवेश की अनुमति देने की मांग का विरोध किया। पीठ ने कहा कि जब हम जगन्नाथ रथ यात्रा की अनुमति दे सकते हैं, तो दिशानिर्देशों के साथ दूसरे महोत्सव की इजाजत क्यों नहीं दे सकते।